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कांवड़िये की कुएं में गिरने से मौत, हंगामा
Updated Mon, 17 Jul 2017 08:07 PM IST
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घुइसरनाथधाम। जलाभिषेक के लिए बाबाधाम पहुंचे रायबरेली जिले के एक कांवड़िये की रात के अंधेरे में कुएं में गिरने से मौत हो गई। पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हुए हादसे की जानकारी मिलने पर अफसरों के होश उड़ गए। घंटे भर बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। कांवड़ियाें के हंगामे के बीच पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने मेला प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली के रामीपुर निवासी जवाहरलाल सरोज (18) पुत्र रामबली सरोज रविवार को कांवड़ उठाने के लिए गांव के ही कल्लू गुप्ता के साथ बाइक से निकला था। दोनोें मानिकपुर से जल भरकर बाइक से जलाभिषेक के लिए बाबा घुइसरनाथ धाम के लिए निकले। लागलंज कोतवाली के वर्मा नगर चौराहे पर जवाहरलाल कांवड़ियों को जत्थे को देखकर बाइक से उतर गया। उसने रात में कल्लू गुप्ता से बाबा धाम में मिलने की बात कही। रात करीब 10 बजे वह घुइसरनाथ पहुंचा और मंदिर के पीछे कावंड़ रखकर सो गया। बताया जाता है कि रात करीब साढे़ ग्यारह बजे वह पेशाब करने के लिए उठा और अंधेरा होने के चलते बिना बैरिकेडिंग के कुएं में जा जा गिरा। पानी से भरे कुएं में उसके गिरने की आवाज आई तो कांवड़िये वहां पहुंचे। सूचना के करीब घंटेभर बाद इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह देख कांवड़िये भड़क गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उनको समझा बुझाकर पुलिस ने किसी तरह कावंड़िए के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक कावंड़िए के परिजन भी पहुंच गए और मेला प्रशासन के साथ सांगीपुर पुलिस को मौत का जिम्मेदार ठहराने लगे। बिलखते परिजनों का कहना था कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ है। इस बारे में एसडीएम व सीओ से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
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रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली के रामीपुर निवासी जवाहरलाल सरोज (18) पुत्र रामबली सरोज रविवार को कांवड़ उठाने के लिए गांव के ही कल्लू गुप्ता के साथ बाइक से निकला था। दोनोें मानिकपुर से जल भरकर बाइक से जलाभिषेक के लिए बाबा घुइसरनाथ धाम के लिए निकले। लागलंज कोतवाली के वर्मा नगर चौराहे पर जवाहरलाल कांवड़ियों को जत्थे को देखकर बाइक से उतर गया। उसने रात में कल्लू गुप्ता से बाबा धाम में मिलने की बात कही। रात करीब 10 बजे वह घुइसरनाथ पहुंचा और मंदिर के पीछे कावंड़ रखकर सो गया। बताया जाता है कि रात करीब साढे़ ग्यारह बजे वह पेशाब करने के लिए उठा और अंधेरा होने के चलते बिना बैरिकेडिंग के कुएं में जा जा गिरा। पानी से भरे कुएं में उसके गिरने की आवाज आई तो कांवड़िये वहां पहुंचे। सूचना के करीब घंटेभर बाद इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह देख कांवड़िये भड़क गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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उनको समझा बुझाकर पुलिस ने किसी तरह कावंड़िए के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक कावंड़िए के परिजन भी पहुंच गए और मेला प्रशासन के साथ सांगीपुर पुलिस को मौत का जिम्मेदार ठहराने लगे। बिलखते परिजनों का कहना था कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ है। इस बारे में एसडीएम व सीओ से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
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