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मिट्टी ले गए, नहीं मिला जांच कार्ड
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:20 AM IST
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किसानों के मिट्टी के नमूने की जांच के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, इससे किसान जब कभी कर्मचारियों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड मांगते हैं तो उनका कहना होता है कि आपने कौन सा शुल्क दिया है। विभाग में कार्ड बनाने का कार्य एजेंसी करती है, वह अभी रिपोर्ट भेजी नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद आपको दी जाएगी।
बेलखरनाथधाम विकास खंड के दूलापुर निवासी किसान सरयू प्रसाद तिवारी ने बताया कि मार्च माह में मिट्टी के नमूने कृषि विभाग के कर्मचारी ले गए, मगर अभी तक जांच कार्ड नहीं दिया है। जांच के नाम पर कोई शुल्क नहीं दिया है। रिपोर्ट पर ज्यादा दबाव नहीं बन पाता है। अशोकपुर निवासी राजकुमार शुक्ला ने बताया कि मिट्टी की जांच करने के लिए नमूने तो जाते हैं, मगर रिपोर्ट कार्ड नहीं मिलता है।
पिछले साल भी ऐसे ही हुआ था। संडवा चंद्रिका इलाके के रायतारा गांव निवासी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी के नमूने कृषि विभाग को आठ माह पहले दिए गए थे, मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। सांगीपुर विकास खंड के गोवर्धनपुर निवासी जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि पांच माह पहले मिट्टी का नमूना कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया था, मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जब कभी कर्मचारियों से कहा जाता है तो कहते हैं आने के बाद रिपोर्ट आपको मुहैया करा दी जाएगी।
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बेलखरनाथधाम विकास खंड के दूलापुर निवासी किसान सरयू प्रसाद तिवारी ने बताया कि मार्च माह में मिट्टी के नमूने कृषि विभाग के कर्मचारी ले गए, मगर अभी तक जांच कार्ड नहीं दिया है। जांच के नाम पर कोई शुल्क नहीं दिया है। रिपोर्ट पर ज्यादा दबाव नहीं बन पाता है। अशोकपुर निवासी राजकुमार शुक्ला ने बताया कि मिट्टी की जांच करने के लिए नमूने तो जाते हैं, मगर रिपोर्ट कार्ड नहीं मिलता है।
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पिछले साल भी ऐसे ही हुआ था। संडवा चंद्रिका इलाके के रायतारा गांव निवासी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी के नमूने कृषि विभाग को आठ माह पहले दिए गए थे, मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। सांगीपुर विकास खंड के गोवर्धनपुर निवासी जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि पांच माह पहले मिट्टी का नमूना कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया था, मगर अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जब कभी कर्मचारियों से कहा जाता है तो कहते हैं आने के बाद रिपोर्ट आपको मुहैया करा दी जाएगी।
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