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मुफ्त गैस कनेक्शन दिया, नहीं बताए सुरक्षा के उपाय
Updated Fri, 11 Aug 2017 08:07 PM IST
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प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले के 1,03,970 लाभार्थियों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। हालांकि इसके खतरों के प्रति जागरूक और सावधानी बरतने के उपायों को बताने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। यहां तक कि ग्राहक सेवा कार्ड तक नहीं दिया जा रहा है। जागरूकता के अभाव में ही उड़ैयाडीह की सुनीता की जान चली गई। आरोप तो यह भी है कि गैस एजेंसियां मुफ्त कनेक्शन देने के नाम पर ग्राहकों को घटिया पाइप दे रही हैं। जिसके चलते आए दिन गैस लीकेज से आग लगने और सिलेंडर फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
पट्टी इलाके के उड़ैयाडीह गांव निवासी सुनीता पत्नी शिव कुमार सरोज के गैस पाइप की जांच अगर पहले हुई होती तो शायद उसकी मौत न होती। यह बात सिर्फ सुनीता पर ही लागू नहीं होती है, बल्कि गांव की उन सभी महिलाओं के लिए जानकारी आवश्यक है जो अशिक्षित हैं और गैस चूल्हा पर खाना बना रही हैं। दरअसल, सरकार ने गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क कनेक्शन प्रदान किया है। एजेंसियां मुफ्त में कनेक्शन के साथ गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेग्यूलेटर और पाइप भी दे रही हैं। ग्राहकों की मानें तो पाइप इतनी घटिया है कि वह छह माह में ही जवाब दे जा रही है। जबकि ब्रांडेड गैस पाइप की पांच साल की गारंटी होती है। मगर एजेंसी संचालक कंपनी की पाइप देने के बजाय उसी रंग की घटिया पाइप दे रहे हैं। इधर गांव की महिलाओं को गैस कनेक्शन तो दिया जा रहा है, मगर उन्हें जागरूक नहीं किया जा रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में घटनाएं आए दिन हो रही है।
गैस का कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों के रसोई में लगे चूल्हे और सिलेंडर की जांच प्रत्येक छह माह में होनी चाहिए। जांच करने के लिए जब कोई एजेंसी ग्राहक के घर पहुंचेगी तो उसे 160 रुपये चार्ज भी देना होगा। मगर ग्राहक न तो जांच करवाना चाहता है और न ही एजेंसियां इस कार्य के लिए तैयार होती हैं। सेल्स ऑफिसर, इंडेन गैस रोहित गुप्ता का कहना है कि गैस एजेंसियों को हिदायत दी गई है कि जब कोई ग्राहक गैस कनेक्शन लेता है तो उसे ग्राहक सुरक्षा कार्ड देने के साथ ही गैस चूल्हा का प्रयोग और सुरक्षा के उपाय भी बताएं। मगर ग्राहक इतनी जल्दबाजी में होते हैं कि वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते हैं।
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पट्टी इलाके के उड़ैयाडीह गांव निवासी सुनीता पत्नी शिव कुमार सरोज के गैस पाइप की जांच अगर पहले हुई होती तो शायद उसकी मौत न होती। यह बात सिर्फ सुनीता पर ही लागू नहीं होती है, बल्कि गांव की उन सभी महिलाओं के लिए जानकारी आवश्यक है जो अशिक्षित हैं और गैस चूल्हा पर खाना बना रही हैं। दरअसल, सरकार ने गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क कनेक्शन प्रदान किया है। एजेंसियां मुफ्त में कनेक्शन के साथ गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेग्यूलेटर और पाइप भी दे रही हैं। ग्राहकों की मानें तो पाइप इतनी घटिया है कि वह छह माह में ही जवाब दे जा रही है। जबकि ब्रांडेड गैस पाइप की पांच साल की गारंटी होती है। मगर एजेंसी संचालक कंपनी की पाइप देने के बजाय उसी रंग की घटिया पाइप दे रहे हैं। इधर गांव की महिलाओं को गैस कनेक्शन तो दिया जा रहा है, मगर उन्हें जागरूक नहीं किया जा रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में घटनाएं आए दिन हो रही है।
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गैस का कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों के रसोई में लगे चूल्हे और सिलेंडर की जांच प्रत्येक छह माह में होनी चाहिए। जांच करने के लिए जब कोई एजेंसी ग्राहक के घर पहुंचेगी तो उसे 160 रुपये चार्ज भी देना होगा। मगर ग्राहक न तो जांच करवाना चाहता है और न ही एजेंसियां इस कार्य के लिए तैयार होती हैं। सेल्स ऑफिसर, इंडेन गैस रोहित गुप्ता का कहना है कि गैस एजेंसियों को हिदायत दी गई है कि जब कोई ग्राहक गैस कनेक्शन लेता है तो उसे ग्राहक सुरक्षा कार्ड देने के साथ ही गैस चूल्हा का प्रयोग और सुरक्षा के उपाय भी बताएं। मगर ग्राहक इतनी जल्दबाजी में होते हैं कि वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते हैं।
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