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बाईपास की राह में रोड़ा बने अफसर
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बाईपास की राह में रोड़ा बने अफसर
जमीन अधिग्रहण के बाद पहली किश्त आने पर किसानों को तीस करोड़ बांटा गया मुआवजा
चुनाव बाद दूसरी किश्त आने पर किसानों को बांटने में सीआरओ ने फंसाया पेच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर के बाईपास निर्माण में अफसर ही रोड़ा बने हैं। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनने वाले बाईपास के लिए जमीन का अधिग्रहण करने के बाद जिला प्रशासन ने पहली किश्त में किसानों को 30 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा था। चुनाव बाद दूसरी किश्त में मिले 27,86,12,457 रुपये किसानों के खाते में भुगतान करने के बजाए अब सीआरओ ने नया पेच फंसा दिया है। तहसील से एक बार फिर रिकार्ड मांगा जा रहा है कि किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में गई है और उसे कितना मुआवजा मिलना चाहिए। जबकि यह सत्यापन पूर्व में हो चुका है। ऐसे में अब मुआवजा वितरण की कार्रवाई पर विराम लग गया है।
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए गोड़े से सुखपालनगर तक बाईपास का निर्माण होना है। बाईपास के निर्माण के पहले किसानों की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा वितरित करना है। अभी तक 30 करोड़ रुपये किसानों के खाते में आनलाइन भुगतान किए जा चुके हैं। आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय ने 27,86,12,457 धनराशि भेजकर सूची में शामिल किसानों को वितरित करने को कहा है, लेकिन अब इस कार्रवाई में मुख्य राजस्व अधिकारी ने अड़ंगा लगा दिया है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि मुआवजा वितरित करने के पहले एक बार फिर तहसीलों से रिकार्ड मांगा जाएगा कि किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में जा रही है और उसे कितना मुआवजा मिलना चाहिए। हालांकि विभागीय अधिकारी जो रिपोर्ट तहसील से मंगाने जा रहे हैं उसे तहसील कर्मियों ने पहले ही मुहैया करा दिया है। विभागीय अधिकारियों की इस कवायद से मुआवजा वितरण में अनावश्यक देरी होगी और अगली डिमांड नहीं जाने पर बचे हुए किसानों के लिए बजट नहीं आवंटित होगा।
इनसेट----------
दो साल से किसान नहीं कर रहे हैं खेत की बुवाई
जिन किसानों की जमीन बाईपास में अधिगृहीत हुई है, वह दो साल से बुवाई नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह साफ है। वह बीच में फसल नष्ट नहीं कराना चाहते। किसान मुआवजे के इंतजार में हैं।
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इनसेट------
80 प्रतिशत मुआवजा वितरण के बाद प्रारंभ होगा निर्माण
बाईपास का निर्माण 80 प्रतिशत किसानों को मुआवजा वितरण करने के बाद प्रारंभ हो जाएगा। 30 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। 27 करोड़ रुपये का मुआवजा आया हुआ है। अगली किश्त में 22 करोड़ रुपये मिलते ही निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
वर्जन-----
किसानों को मुआवजे की रकम वितरित करने की तैयारी की जा रही है। किसानों का हिस्सा निर्धारित करने के लिए स्पष्ट रिपोर्ट मांगी जा रही है। तहसील से रिपोर्ट आते ही किसानों को मुआवजे की धनराशि प्रदान कर दी जाएगी।
श्रीराम यादव, सीआरओ।
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जमीन अधिग्रहण के बाद पहली किश्त आने पर किसानों को तीस करोड़ बांटा गया मुआवजा
चुनाव बाद दूसरी किश्त आने पर किसानों को बांटने में सीआरओ ने फंसाया पेच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर के बाईपास निर्माण में अफसर ही रोड़ा बने हैं। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनने वाले बाईपास के लिए जमीन का अधिग्रहण करने के बाद जिला प्रशासन ने पहली किश्त में किसानों को 30 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा था। चुनाव बाद दूसरी किश्त में मिले 27,86,12,457 रुपये किसानों के खाते में भुगतान करने के बजाए अब सीआरओ ने नया पेच फंसा दिया है। तहसील से एक बार फिर रिकार्ड मांगा जा रहा है कि किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में गई है और उसे कितना मुआवजा मिलना चाहिए। जबकि यह सत्यापन पूर्व में हो चुका है। ऐसे में अब मुआवजा वितरण की कार्रवाई पर विराम लग गया है।
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए गोड़े से सुखपालनगर तक बाईपास का निर्माण होना है। बाईपास के निर्माण के पहले किसानों की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा वितरित करना है। अभी तक 30 करोड़ रुपये किसानों के खाते में आनलाइन भुगतान किए जा चुके हैं। आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय ने 27,86,12,457 धनराशि भेजकर सूची में शामिल किसानों को वितरित करने को कहा है, लेकिन अब इस कार्रवाई में मुख्य राजस्व अधिकारी ने अड़ंगा लगा दिया है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि मुआवजा वितरित करने के पहले एक बार फिर तहसीलों से रिकार्ड मांगा जाएगा कि किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में जा रही है और उसे कितना मुआवजा मिलना चाहिए। हालांकि विभागीय अधिकारी जो रिपोर्ट तहसील से मंगाने जा रहे हैं उसे तहसील कर्मियों ने पहले ही मुहैया करा दिया है। विभागीय अधिकारियों की इस कवायद से मुआवजा वितरण में अनावश्यक देरी होगी और अगली डिमांड नहीं जाने पर बचे हुए किसानों के लिए बजट नहीं आवंटित होगा।
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दो साल से किसान नहीं कर रहे हैं खेत की बुवाई
जिन किसानों की जमीन बाईपास में अधिगृहीत हुई है, वह दो साल से बुवाई नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह साफ है। वह बीच में फसल नष्ट नहीं कराना चाहते। किसान मुआवजे के इंतजार में हैं।
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80 प्रतिशत मुआवजा वितरण के बाद प्रारंभ होगा निर्माण
बाईपास का निर्माण 80 प्रतिशत किसानों को मुआवजा वितरण करने के बाद प्रारंभ हो जाएगा। 30 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। 27 करोड़ रुपये का मुआवजा आया हुआ है। अगली किश्त में 22 करोड़ रुपये मिलते ही निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
वर्जन-----
किसानों को मुआवजे की रकम वितरित करने की तैयारी की जा रही है। किसानों का हिस्सा निर्धारित करने के लिए स्पष्ट रिपोर्ट मांगी जा रही है। तहसील से रिपोर्ट आते ही किसानों को मुआवजे की धनराशि प्रदान कर दी जाएगी।
श्रीराम यादव, सीआरओ।