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फीडर बदहाल, गर्मी में बिजली कटौती झेलेंगे शहरी
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फीडर बदहाल, गर्मी में बिजली कटौती झेलने को रहिए तैयार
फीडर फुंकने और तार टूटने की घटनाएं शुरू, आपूर्ति सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर की बिजली व्यवस्था बदहाल फीडरों पर टिकी हुई है। अभी से फीडर फुंकने, तार टूटने व ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। बिजली विभाग सबकुछ जानते हुए भी लापरवाह बना है। ऐसे में गर्मी के दिनों में शहरियों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ेगा।
पांच उपकेंद्रों से शहर में विद्युत आपूर्ति की जाती है। बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर, दहिलामऊ व चिलबिला। शहर की विद्युत व्यवस्था का हाल बेहाल है। कभी शार्ट सर्किट से आपूर्ति बाधित हो रही है, तो कभी ट्रांसफार्मर फुंकने से। सबसे बुरा हाल है शहरी फीडरों का है। शहर में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 18 फीडर हैं। जिसमें से छह फीडर बदहाल हैं। आए दिन डिस्क पंक्चर होने या अन्य खामियों के चलते आपूर्ति बाधित होती है। सबसे ज्यादा समस्या रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े परिक्षेत्र में देखने को मिलती है। यहां इनकमिंग व आउट दोनों फीडर की हालत खस्ता है। यही वजह है कि फीडर फुंकने की समस्या बनी रहती है। इसके अलावा बाबागंज व दहिलामऊ उपकेंद्र से जुड़े फीडर ऐसे हैं जिन पर क्षमता से अधिक भार है। यहां आए दिन खराबी बनी रहती है। इस बारे में एसडीओ अजीत यादव का कहना है कि फीडरों को दुरुस्त किया जा रहा है। कटियामारों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है, ताकि फीडरों पर अतिरिक्त लोड कम किया जा सके।
कटियामारी के चलते फीडरों पर है अधिक लोड
फीडरों पर कनेक्शन क्षमता से अधिक लोड है। इसके जिम्मेदार कटियामार है। फीडरों पर कटियामारों का कब्जा है। जो न सिर्फ बिजली विभाग को चपत लगा रहे हैं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि इनकी धरपकड़ को अभियान चलाया जा रहा है।
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फीडर फुंकने और तार टूटने की घटनाएं शुरू, आपूर्ति सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर की बिजली व्यवस्था बदहाल फीडरों पर टिकी हुई है। अभी से फीडर फुंकने, तार टूटने व ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। बिजली विभाग सबकुछ जानते हुए भी लापरवाह बना है। ऐसे में गर्मी के दिनों में शहरियों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ेगा।
पांच उपकेंद्रों से शहर में विद्युत आपूर्ति की जाती है। बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर, दहिलामऊ व चिलबिला। शहर की विद्युत व्यवस्था का हाल बेहाल है। कभी शार्ट सर्किट से आपूर्ति बाधित हो रही है, तो कभी ट्रांसफार्मर फुंकने से। सबसे बुरा हाल है शहरी फीडरों का है। शहर में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 18 फीडर हैं। जिसमें से छह फीडर बदहाल हैं। आए दिन डिस्क पंक्चर होने या अन्य खामियों के चलते आपूर्ति बाधित होती है। सबसे ज्यादा समस्या रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े परिक्षेत्र में देखने को मिलती है। यहां इनकमिंग व आउट दोनों फीडर की हालत खस्ता है। यही वजह है कि फीडर फुंकने की समस्या बनी रहती है। इसके अलावा बाबागंज व दहिलामऊ उपकेंद्र से जुड़े फीडर ऐसे हैं जिन पर क्षमता से अधिक भार है। यहां आए दिन खराबी बनी रहती है। इस बारे में एसडीओ अजीत यादव का कहना है कि फीडरों को दुरुस्त किया जा रहा है। कटियामारों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है, ताकि फीडरों पर अतिरिक्त लोड कम किया जा सके।
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कटियामारी के चलते फीडरों पर है अधिक लोड
फीडरों पर कनेक्शन क्षमता से अधिक लोड है। इसके जिम्मेदार कटियामार है। फीडरों पर कटियामारों का कब्जा है। जो न सिर्फ बिजली विभाग को चपत लगा रहे हैं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि इनकी धरपकड़ को अभियान चलाया जा रहा है।
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