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सोच बदलें, पुलिस हर कदम पर साथ है
Updated Tue, 26 Sep 2017 06:07 PM IST
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प्रतापगढ़। पुलिस आपकी दोस्त है। जरूरत है तो सिर्फ पुलिस के प्रति सोच बदलने की। आम तौर पर लोगों के बीच यह भ्रम है कि पुलिस के पास जाने से मामला और बिगड़ जाएगा। सच्चाई इससे परे है। छात्राएं अपनी परेशानी नि:संकोच पुलिस से साझा कर सकती हैं। हर कदम पर पुलिस उनकी मदद करने के लिए तैयार है। सीओ सिटी रामआशीष यादव ने मंगलवार को प्रतापबहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कहीं। वह यहां अमर उजाला की ओर से आयोजित ’पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी तरह की प्रताड़ना का शिकार होने पर तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से कर सकती हैं। उनकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। संकट की स्थिति में 1090 या फिर 100 नंबर पर फोन कर भी तत्काल मदद ली जा सकती है। कई बार छात्राएं सबकुछ सहते हुए भी चुप रहती हैं। यह ठीक नहीं है। डिप्टी एसपी ने इसके साथ ही छात्राओं को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सीख दी। कहा कि वे न सिर्फ खुद हेलमेट का प्रयोग करें, बल्कि घरवालों को भी इसके लिए जागरूक करें। बिना हेलमेट के पकड़े जाने पर पुलिस चालान करती है तो लोग इसे उत्पीडन से जोडने लगते हैं। जबकि पुलिस लोगों की जान बचाने के लिए ऐसा करती है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ अपने प्रति होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहें, बल्कि घर के आसपास होने वाली किसी भी तरह संदिग्ध गतिविधि या विवाद की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जिससे समय रहते किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कालेज आते-जाते अगर शोहदे परेशान करते हों तो यह कतई बर्दाश्त न करें। तुरंत पुलिस को जानकारी दें, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके। महिला थाना प्रभारी दुर्गावती ने भी छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि सतर्क रहेें और प्रताड़ना का खुलकर विरोध करें। कई बार छात्राएं छेडख़ानी या फिर फब्तियां कसने जैसी घटनाओं को चुपचाप सह लेती हैं, जिससे मनचलों का मन बढ़ जाता है। ऐसे लोगों की हरकतों को बर्दाश्त करने के बजाए उन्हें सबक सिखाएं। कालेज के प्राचार्य डा. बृजभानु सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्राओं का हौसला बढ़ा है। उन्होंने छात्राओं से जनपद के पुलिस अधिकारियों का मोबाइल नंबर अपने पास रखने और किसी भी अप्रिय घटना के होने पर शिकायत करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी तरह की प्रताड़ना का शिकार होने पर तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से कर सकती हैं। उनकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। संकट की स्थिति में 1090 या फिर 100 नंबर पर फोन कर भी तत्काल मदद ली जा सकती है। कई बार छात्राएं सबकुछ सहते हुए भी चुप रहती हैं। यह ठीक नहीं है। डिप्टी एसपी ने इसके साथ ही छात्राओं को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सीख दी। कहा कि वे न सिर्फ खुद हेलमेट का प्रयोग करें, बल्कि घरवालों को भी इसके लिए जागरूक करें। बिना हेलमेट के पकड़े जाने पर पुलिस चालान करती है तो लोग इसे उत्पीडन से जोडने लगते हैं। जबकि पुलिस लोगों की जान बचाने के लिए ऐसा करती है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ अपने प्रति होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहें, बल्कि घर के आसपास होने वाली किसी भी तरह संदिग्ध गतिविधि या विवाद की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जिससे समय रहते किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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कालेज आते-जाते अगर शोहदे परेशान करते हों तो यह कतई बर्दाश्त न करें। तुरंत पुलिस को जानकारी दें, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके। महिला थाना प्रभारी दुर्गावती ने भी छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि सतर्क रहेें और प्रताड़ना का खुलकर विरोध करें। कई बार छात्राएं छेडख़ानी या फिर फब्तियां कसने जैसी घटनाओं को चुपचाप सह लेती हैं, जिससे मनचलों का मन बढ़ जाता है। ऐसे लोगों की हरकतों को बर्दाश्त करने के बजाए उन्हें सबक सिखाएं। कालेज के प्राचार्य डा. बृजभानु सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्राओं का हौसला बढ़ा है। उन्होंने छात्राओं से जनपद के पुलिस अधिकारियों का मोबाइल नंबर अपने पास रखने और किसी भी अप्रिय घटना के होने पर शिकायत करने की अपील की।
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