नवरात्रों पर आकर्षण लाइटों से जगमगाएगी काशी, बिजली की नहीं होगी कमी, ये रही वजह
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नवरात्र में पूजा पंडालों की आकर्षक लाइटिंग के चलते इन दिनों आठ से दस मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है, लेकिन इसके बावजूद भी शहर में बिजली की कमी नहीं होगी। इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने तैयारी कर रखी है। मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नवरात्र के दौरान चलने वाले मेले में किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं की जाएगी।
शनिवार से तीन दिवसीय मेला शुरू हो जाएगा। चौथे दिन दशहरा मनाया जाएगा। इसके लिए अभी से एलईडी और चाइनीज बल्ब शहर के हर कोने में सतरंगी छठा बिखेर रहे हैं। कारीगरों द्वारा डिजाइनर लाइटों से पंडालों को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है। जगतगंज, हथुआ मार्केट, सनातन धर्म इंटर कालेज, चेतगंज, अर्दली बाजार, मछोदरी, चौक, बांसफाटक, नदेसर, कैंट आदि इलाकों के पूजा पंडालों की लाइटिंग बेहतरीन है।
अधिकारियों के अनुसार शहर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 270 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इनमें से बड़े 15 बड़े पूजा पंडालों ने बिजली का अस्थायी कनेक्शन ले लिया है। अन्य समितियों से भी अधिकारियों ने अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए अपील की है। दुर्गा पूजा पंडाल संचालकों ने बताया कि एलइडी लाइटों की वजह से पहले की अपेक्षा अब बिजली की खपत कम होती है।
पांच किलोवाट तक के कनेक्शन लेकर दूर तक की लाइटिंग जगमगाती है। पूर्वांचल डिस्काम की ओर से 20 किलोवाट तक 6400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अस्थायी कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं कुछ पूजा पंडाल आसपास के घरों से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि दुर्गा पूजा पंडालों में शाम को लाइटिंग होती है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल कालेज बंद हो जाते हैं। यहां बिजली बंद होती है तो उधर पूजा पंडालों में इस्तेमाल होती है। इससे बिजली सप्लाई पर कोई असर नहीं होता है।
मौसम के अनुसार बिजली की डिमांड और आपूर्ति होती है। जिले में गरमी के मौसम में 650 मेगावाट तक डिमांड होती है। इस समय 350 से 400 मेगावाट डिमांड है। बिजली की मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। बिजली की कोई समस्या नहीं है। - मनोज अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
अधिकारियों ने की अपील
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता ने सभी दुर्गा पूजा पंडालों से अपील की है कि जिन लोगों ने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है, वे अस्थायी कनेक्शन लें लें। बिजली तारों के नीचे पंडाल न लगाएं।
पंडालों में विद्युत सुरक्षा पर जोर
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से सभी क्षेत्रों में पूजा पंडाल समितियों को जागरूक किया जा रहा है कि विद्युत सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। कटे-फटे तारों के पास टेप और ज्वाइंटर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र भी अपने पास रखे।
अधिकतम बिजली की डिमांड 600 से 650 मेगावाट (गर्मी में)
मौजूदा बिजली की डिमांड 350 से 400 मेगावाट
मौजूदा बिजली की आपूर्ति 350 से 400 मेगावाट
पूजा पंडालों को 20 किलोवाट का दिया जा रहा कनेक्शन
प्रतिदिन 6400 रुपये देना होगा बिजली का बिल
शहर में कुल 270 छोटे-बड़े पूजा पंडाल बनाए गए हैं