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मेरठ में महापंचायत के दौरान हिंसा, 3 जख्मी
अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 30 Sep 2013 01:24 AM IST
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हिंसा और हंगामे से उत्तर प्रदेश के सरधना को निजात नहीं मिल पा रही है।
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रोक के बावजूद मेरठ के खेड़ा में भाजपा विधायक संगीत सोम व अन्य की गिरफ्तारी के विरोध में महापंचायत हुई और फिर ज्ञापन नहीं लेने पर हंगामा शुरू हुआ जिसे काबू करने में पुलिस ने पहले लाठीचार्ज और फिर फायरिंग की।
पुलिस की फायरिंग में तीन युवकों को गोली लगी। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव के अलावा 40 वाहनों के शीशे तोड़ डाले और तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने 24 लोगों को हिरासत में लिया है।
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खेड़ा के इंटर कॉलेज परिसर में रविवार की प्रस्तावित महापंचायत टालने के लिए प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की थी।
शनिवार रात में ही गांव को जाने वाले सभी रास्तों की नाकेबंदी कर दी गई थी, पर ग्रामीण नहर, रजवाहे और खेतों से होकर आयोजन स्थल तक पहुंच गए।
पहली बार सात बजे सुबह पुलिस के साथ टकराव की नौबत आई। मगर ग्रामीणों के तेवर देख पुलिस शांत हो गई।
हजारों की भीड़ जुटने के बाद बिना किसी नेतृत्व के नौ बजे जैसे ही महापंचायत शुरू हुई, डीएम नवदीप रिणवा और एसएसपी दीपक कुमार पहुंच गए।
11 बजे डीआईजी के सत्यनारायणा और कमिश्नर मनजीत सिंह भी पहुंचे। डीआईजी ने लोगों को रोकने की कोशिश की तो भीड़ उग्र हो गई। बवाल ज्यादा न बढ़े, इसके मद्देनजर सभी अधिकारी कॉलेज कार्यालय में जाकर बैठ गए।
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करीब साढ़े ग्यारह बजे महापंचायत में एक मत से पांच मांगें रखी गईं। इसका ज्ञापन देने विधायक संगीत सोम के भाई सागर सिंह सोम, विहिप नेता बलराज डुंगर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल अधिकारी के पास गए।
मगर गेट बंदकर बैठे अधिकारी बाहर नहीं निकले। इसका पता लगते ही हाथों में डंडा लिए महिलाएं बाहर आ गईं। उन्होंने अधिकारियों को ललकारा।
हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। तब ग्रामीण बाहर की ओर भागे। बेकाबू भीड़ ने प्राथमिक विद्यालय की चारदीवारी तोड़ पुलिस और उनकी गाड़ियों पर पथराव कर दिया।
कमिश्नर, डीएम, डीआईजी, एसएसपी की गाड़ियां सहित वहां खड़ी पुलिस और आरएएफ की करीब 40 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और हूटर उतार फेंके।
भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। फायरिंग में तीन युवकों को गोली लगी है। एक के जबड़े और बाकी दोनों के पैर में गोली लगी है।
तीन लोगों को गोली लगने की जानकारी मिलते ही बेकाबू भीड़ ने एक जीप और एक जिप्सी सहित एक बाइक को आग के हवाले कर दिया।
आरएएफ के जवानों ने उन्हें खदेड़ा। डीआईजी के सत्यनारायणा ने बताया कि 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है जबकि अन्य उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है।