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जिंक और ड्रिप सिंचाई पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:06 PM IST
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मिट्टी में जिंक तत्व की कमी को पूरा करने के लिए विभाग सात जुलाई तक अभियान चलाएगा। इसके तहत विभाग की ओर से स्टाल लगाकर किसानों को जिंक उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें 50 प्रतिशत अनुदान की धनराशि किसानों के खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा गन्ना किसानों को अब सिंचाई पर अधिक खर्च नहीं करना होगा। गन्ना खेतों में अब ड्रिप इरीगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली) लगाने के लिए गन्ना विभाग से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए जिले को 100 हेक्टेअर का लक्ष्य मिला है।
खेती के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के अलावा जिंक सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इस तत्व की कमी से पौधों में भोजन नहीं बन पाता, जिससे उनकी बढ़वार रुकती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इस पर शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने किसानों के लिए योजना शुरू की है। बुधवार से प्रारंभ होकर सात जुलाई तक चलने वाली इस योजना के तहत विभाग की ओर से स्टाल लगाकर किसानों को विभिन्न कंपनियों की जिंक उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को इसे नगद धनराशि देकर खरीदना होगा और आवेदन के साथ इसका बिल विभागीय कार्यालयों में जमा करने पर 50 प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि किसान भाई अनुदान योजना का लाभ उठाकर खेतों में जिंक की कमी को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेअर के लिए जिंक लेने पर अनुदान दिया जाएगा।
उधर, धान के बाद गन्ना ऐसी फसल है जिसमें पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए किसान ट्यूबवेल अथवा अन्य साधनों से खेतों में सिंचाई करते हैं जिससे खेतों में आवश्यकता से अधिक पानी पहुंच जाता है। इससे मिट्टी के पोषक तत्व पानी के साथ घुलकर नीचे चले जाते हैं। इसके लिए कृषि वैज्ञानिक ड्रिप इरीगेशन अपनाने की सलाह देते हैं। गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने गन्ना किसानों को ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगवाने पर अनुदान देने की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के सात मंडलों के 22 जिलों को चुना गया है जिसमें पीलीभीत भी शामिल है। प्रत्येक जनपद में 100 हेक्टेअर जमीन पर ड्रिप इेरीगेशन सिस्टम लगवाने का लक्ष्य दिया गया है।
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50 हजार रुपये मिलेगा अनुदान
किसानों को गन्ने के ख्ेात में ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए शासन ने प्रति हेक्टेअर एक लाख रुपये की लागत निर्धारित की है। इसके हिसाब से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।
गन्ना किसानों को ड्रिप इरीगेशन पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाना है। इस बाबत गन्ना आयुक्त का आदेश प्राप्त हुआ है। इच्छुक किसान उनके कार्यालय अथवा संबंधित समितियों से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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खेती के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के अलावा जिंक सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इस तत्व की कमी से पौधों में भोजन नहीं बन पाता, जिससे उनकी बढ़वार रुकती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इस पर शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने किसानों के लिए योजना शुरू की है। बुधवार से प्रारंभ होकर सात जुलाई तक चलने वाली इस योजना के तहत विभाग की ओर से स्टाल लगाकर किसानों को विभिन्न कंपनियों की जिंक उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को इसे नगद धनराशि देकर खरीदना होगा और आवेदन के साथ इसका बिल विभागीय कार्यालयों में जमा करने पर 50 प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि किसान भाई अनुदान योजना का लाभ उठाकर खेतों में जिंक की कमी को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेअर के लिए जिंक लेने पर अनुदान दिया जाएगा।
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उधर, धान के बाद गन्ना ऐसी फसल है जिसमें पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए किसान ट्यूबवेल अथवा अन्य साधनों से खेतों में सिंचाई करते हैं जिससे खेतों में आवश्यकता से अधिक पानी पहुंच जाता है। इससे मिट्टी के पोषक तत्व पानी के साथ घुलकर नीचे चले जाते हैं। इसके लिए कृषि वैज्ञानिक ड्रिप इरीगेशन अपनाने की सलाह देते हैं। गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने गन्ना किसानों को ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगवाने पर अनुदान देने की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के सात मंडलों के 22 जिलों को चुना गया है जिसमें पीलीभीत भी शामिल है। प्रत्येक जनपद में 100 हेक्टेअर जमीन पर ड्रिप इेरीगेशन सिस्टम लगवाने का लक्ष्य दिया गया है।
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50 हजार रुपये मिलेगा अनुदान
किसानों को गन्ने के ख्ेात में ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए शासन ने प्रति हेक्टेअर एक लाख रुपये की लागत निर्धारित की है। इसके हिसाब से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।
गन्ना किसानों को ड्रिप इरीगेशन पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाना है। इस बाबत गन्ना आयुक्त का आदेश प्राप्त हुआ है। इच्छुक किसान उनके कार्यालय अथवा संबंधित समितियों से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी