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‘आखिर क्यों बजट में होती है ग्रामीण क्षेत्र की उपेक्षा’
Updated Sun, 22 May 2016 10:52 PM IST
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सभा
- फोटो : pilibhit, beureu
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ग्राम स्वराज मंच के तहत सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री माधवेंद्र सिंह ने कहा कि जब सरकार बनाने में सर्वाधिक योगदान ग्रामीण मतदाता का रहता है तो क्यों बजट आवंटन के वक्त नगरीय क्षेत्रों को महत्व दिया जाता है? क्यों की जाती है ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा?
रामलीला मैदान पर अपनी धरती अपना राज, गांव गांव में ग्राम स्वराज के नारे के साथ शुरू हुए सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि विकास की योजनाएं बनाते समय सरकारें शहर और नगरीय क्षेत्रों को आगे रखती हैं। उसी लिहाज से बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, सुरक्षा आदि भी मुहैया कराई जाती है, जबकि देश का विकास गांव की तरक्की के बिना संभव नहीं, ऐसा सरकारें क्यों नहीं सोचती हैं? मंच के राष्ट्रीय संयोजक सतीश सचान ने कहा कि हर उत्पादक कंपनी अपने उत्पाद का मूल्य स्वयं तय करती है और किसी भी वस्तु पर उत्पादन लागत न लिखकर बिक्री मूल्य अंकित करती है, जबकि किसानों को अपने उत्पादन का मूल्य तय करने का अधिकार भी नहीं है। किसान को नहीं मालूम की वह जो फसल वह उगा रहा है उसकी उसे क्या कीमत मिलेगी। यही कारण है कि किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहा है। कार्यक्रम में प्रहलाद सिंह, दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. महेश योगी, अजय गोयल, स्वामी प्रवक्ता नंद, लेखराज भारती, मुकेश कुमार, गुरूभाग सिंह, तरूण कुमार, रामबहादुर, बाबूराम, अशोक, धर्मपाल, प्रीति, राजकुमार, ओमप्रकाश, दोदराम आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान पर अपनी धरती अपना राज, गांव गांव में ग्राम स्वराज के नारे के साथ शुरू हुए सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि विकास की योजनाएं बनाते समय सरकारें शहर और नगरीय क्षेत्रों को आगे रखती हैं। उसी लिहाज से बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, सुरक्षा आदि भी मुहैया कराई जाती है, जबकि देश का विकास गांव की तरक्की के बिना संभव नहीं, ऐसा सरकारें क्यों नहीं सोचती हैं? मंच के राष्ट्रीय संयोजक सतीश सचान ने कहा कि हर उत्पादक कंपनी अपने उत्पाद का मूल्य स्वयं तय करती है और किसी भी वस्तु पर उत्पादन लागत न लिखकर बिक्री मूल्य अंकित करती है, जबकि किसानों को अपने उत्पादन का मूल्य तय करने का अधिकार भी नहीं है। किसान को नहीं मालूम की वह जो फसल वह उगा रहा है उसकी उसे क्या कीमत मिलेगी। यही कारण है कि किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहा है। कार्यक्रम में प्रहलाद सिंह, दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. महेश योगी, अजय गोयल, स्वामी प्रवक्ता नंद, लेखराज भारती, मुकेश कुमार, गुरूभाग सिंह, तरूण कुमार, रामबहादुर, बाबूराम, अशोक, धर्मपाल, प्रीति, राजकुमार, ओमप्रकाश, दोदराम आदि मौजूद रहे।
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