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Pilibhit News: सईद का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने किया हंगामा, तीन थानों की पुलिस ने संभाले हालात
Fri, 01 Sep 2023 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:18 PM IST
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पीलीभीत। असम हाईवे पर भाजपा कार्यालय के सामने सईद की लाश मिलने के मामले में पुलिस पूरी तरह से अनजान बन गई है, जबकि इस मामले में एक बार फिर एसओजी पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने परिजनों को चुप करा दिया है। बृहस्पतिवार को जब सईद का शव घर पहुंचा तो परिजनों ने जमकर हंगामा किया। तीन थानाें की पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर समझाने के बाद परिजनों ने शव एंबुलेंस से उतरने दिया।
सईद की मौत के मामले में पुलिस कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। सईद शातिर ठग था, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। एसओजी उसे ढूंढ रही थी। सईद के न मिलने पर अमरिया पुलिस ने उसके दो बहनोई व एक दोस्त को हिरासत में ले लिया था। बाद में एसओजी ने सईद को पकड़ लिया। उसे उत्तराखंड से पकड़कर लाया जाना बताया जा रहा है। सईद के पकड़े जाने के बाद ही अमरिया पुलिस ने उसके दोनों बहनोई को छोड़ा था।
सईद की मां छोटी बेगम ने अमरिया पुलिस पर 20 हजार रुपये लेकर दोनों दामाद को छोड़ने का आरोप लगाया है। परिजनों की मानें तो तब तक सईद बिल्कुल ठीक था। इसके बाद से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। बृहस्पतिवार को उसका शव सुनगढ़ी क्षेत्र में भाजपा कार्यालय के सामने असम हाईवे किनारे खाली प्लॉट में मिला। सईद का शव मिलने के बाद से सवाल उठ रहा है कि जब दो दिन पूर्व तक वह पुलिस हिरासत में था तो फिर उसकी मौत कैसे हो गई।
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जिस सईद को पुलिस ढूंढ रही थी, उसकी लाश मिलने के बाद इतना अनजान बन गई कि उसकी शिनाख्त करानी पड़ी। अज्ञात शव में बरामदगी दिखाई। पुलिस ने जो तानाबाना बुना है, उसे देखकर तो यही लगता है कि सईद खुद असम हाईवे तक पैदल गया। यहां भाजपा कार्यालय के सामने खाली प्लॉट में लेट गया और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। सवाल यह है कि क्या सईद की मौत की गुत्थी सुलझेगी या पहले की घटनाओं की तरह इसे भी दबा दिया जाएगा।
पहले भी कई बार लग चुके हैं एसओजी पर आरोप
पुलिस हिरासत में मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले एक साल में तीन-चार बार एसओजी पुलिस हिरासत में मौत के आरोपों में घिरी। लेकिन परिजनों को मनाकर मामला रफा दफा कर दिया गया। करीब छह महीने पहले ही पुलिस हिरासत में जहानाबाद के एक युवक की मौत का मामला गर्माया था। पुलिस हिरासत में युवक का फोटो तक वायरल हो गया था।
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सईद की मौत के मामले में पुलिस कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। सईद शातिर ठग था, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। एसओजी उसे ढूंढ रही थी। सईद के न मिलने पर अमरिया पुलिस ने उसके दो बहनोई व एक दोस्त को हिरासत में ले लिया था। बाद में एसओजी ने सईद को पकड़ लिया। उसे उत्तराखंड से पकड़कर लाया जाना बताया जा रहा है। सईद के पकड़े जाने के बाद ही अमरिया पुलिस ने उसके दोनों बहनोई को छोड़ा था।
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सईद की मां छोटी बेगम ने अमरिया पुलिस पर 20 हजार रुपये लेकर दोनों दामाद को छोड़ने का आरोप लगाया है। परिजनों की मानें तो तब तक सईद बिल्कुल ठीक था। इसके बाद से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। बृहस्पतिवार को उसका शव सुनगढ़ी क्षेत्र में भाजपा कार्यालय के सामने असम हाईवे किनारे खाली प्लॉट में मिला। सईद का शव मिलने के बाद से सवाल उठ रहा है कि जब दो दिन पूर्व तक वह पुलिस हिरासत में था तो फिर उसकी मौत कैसे हो गई।
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जिस सईद को पुलिस ढूंढ रही थी, उसकी लाश मिलने के बाद इतना अनजान बन गई कि उसकी शिनाख्त करानी पड़ी। अज्ञात शव में बरामदगी दिखाई। पुलिस ने जो तानाबाना बुना है, उसे देखकर तो यही लगता है कि सईद खुद असम हाईवे तक पैदल गया। यहां भाजपा कार्यालय के सामने खाली प्लॉट में लेट गया और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। सवाल यह है कि क्या सईद की मौत की गुत्थी सुलझेगी या पहले की घटनाओं की तरह इसे भी दबा दिया जाएगा।
पहले भी कई बार लग चुके हैं एसओजी पर आरोप
पुलिस हिरासत में मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले एक साल में तीन-चार बार एसओजी पुलिस हिरासत में मौत के आरोपों में घिरी। लेकिन परिजनों को मनाकर मामला रफा दफा कर दिया गया। करीब छह महीने पहले ही पुलिस हिरासत में जहानाबाद के एक युवक की मौत का मामला गर्माया था। पुलिस हिरासत में युवक का फोटो तक वायरल हो गया था।