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कुपोषित बच्चों के परिवारों का तैयार होगा डाटाबेस
पीलीभीत।
Updated Sun, 18 Jan 2015 11:44 PM IST
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जिले के कुपोषित बच्चों के परिवार का अध्ययन कर डाटा बेस तैयार किया जाएगा। चिन्हित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ देकर सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को गांव में बैठक कराई जाएंगी।
मंडलायुक्त ने पिछले दिनों बैठक कर कुपोषित बच्चों और उनके परिवार के विकास पर चर्चा की थी। उनके निर्देश पर अब जिले के प्रत्येक गांव में आंगनबाड़ी के माध्यम से कुपोषित बच्चों के परिवारों का चयन किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को लेखपाल, एएनएम, आशा और ग्राम पंचायत/विकास अधिकारियों को गांव पहुंचकर जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के निर्देश पर सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने आदेश जारी कर जिला कार्यक्रम अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। डीपीओ राजकपूर ने बताया सभी संबंधित को डाटाबेस तैयार करने के सूचना दे दी गई है।
परिवारों को यह मिलेंगे लाभ
कुपोषण का प्रमुख कारण गरीबी है। इसलिए कुपोषित बच्चों के ऐसे परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं को इंदिरा आवास, मनरेगा में प्राथमिकता से काम एवं विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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दस दिन में तैयार होगा डाटाबेस
गांव में कुपोषित बच्चों के परिवारों के अध्ययन के लिए बुधवार को प्रत्येक गांव में बैठकें होगी। इसके बाद दस दिन के अंदर डाटाबेस तैयार कर लिया जाएगा।
मंडलायुक्त के निर्देश पर जिले में कुपोषित बच्चों के परिवारों के चयन लिए बुधवार को सभी गांव में बैठक की जाएंगी। इसके लिए सभी संबंधित को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- इंद्रदेव द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी
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मंडलायुक्त ने पिछले दिनों बैठक कर कुपोषित बच्चों और उनके परिवार के विकास पर चर्चा की थी। उनके निर्देश पर अब जिले के प्रत्येक गांव में आंगनबाड़ी के माध्यम से कुपोषित बच्चों के परिवारों का चयन किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को लेखपाल, एएनएम, आशा और ग्राम पंचायत/विकास अधिकारियों को गांव पहुंचकर जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के निर्देश पर सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने आदेश जारी कर जिला कार्यक्रम अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। डीपीओ राजकपूर ने बताया सभी संबंधित को डाटाबेस तैयार करने के सूचना दे दी गई है।
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परिवारों को यह मिलेंगे लाभ
कुपोषण का प्रमुख कारण गरीबी है। इसलिए कुपोषित बच्चों के ऐसे परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं को इंदिरा आवास, मनरेगा में प्राथमिकता से काम एवं विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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दस दिन में तैयार होगा डाटाबेस
गांव में कुपोषित बच्चों के परिवारों के अध्ययन के लिए बुधवार को प्रत्येक गांव में बैठकें होगी। इसके बाद दस दिन के अंदर डाटाबेस तैयार कर लिया जाएगा।
मंडलायुक्त के निर्देश पर जिले में कुपोषित बच्चों के परिवारों के चयन लिए बुधवार को सभी गांव में बैठक की जाएंगी। इसके लिए सभी संबंधित को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- इंद्रदेव द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी