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Pilibhit News: पांच घंटे थमे रहे जनशताब्दी के पहिए, तीन अन्य ट्रेनों भी प्रभावित
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पीलीभीत। दिल्ली से टनकपुर जाने वाली पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन के पहिये में कोई लोहे की चीज टकरा गई। इससे मझोला और न्यूरिया स्टेशन के बीच में पहिए के आकार में खराबी (फ्लैट टायर) आ गई। इस कारण ट्रेन पांच घंटे रुकी रही, जिस कारण तीन अन्य ट्रेनें भी प्रभावित र्हुइं। रात करीब आठ बजे दूसरे इंजन से ट्रेन को न्यूरिया स्टेशन ले जाया गया। तब रास्ते में खड़ी तीनों ट्रेनों को रवाना किया गया।
पूूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन दिन में करीब तीन बजे टनकपुर के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में न्यूरिया स्टेशन से आगे और मझोला स्टेशन से पहले पोलीगंज के पास करीब साढ़े तीन बजे अचानक ट्रेन रुक गई। इंजन के पायलट ने ट्रेन को आगे बढ़ाने की कोशिश की, मगर ट्रेन नहीं बढ़ सकी। जब उतरकर देखा, तो इंजन के पहिए में खराबी की जानकारी हो सकी। मामले की जानकारी कंट्रोल से अफसरों को दी गई। रास्ते में ट्रेन खड़ी होने से टनकपुर से पीलीभीत आ रही डेेमो ट्रेन को मझोला में रोका गया।
टनकपुर जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस को न्यूरिया और मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन को पीलीभीत जंक्शन पर रोक लिया गया था। बाद में दूसरे इंजन को मंगाकर किसी तरह ट्रेन को न्यूरिया स्टेशन तक लाया गया। इसके बाद रास्ते में खड़ी ट्रेनों को रवाना किया गया। सूचना मिलने पर स्थानीय रेल अफसर मौके पर पहुंच गए।
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दस दिन पहले भी हो चुकी ऐसी ही घटना
मंगलवार को जिस स्थान पर यह गड़बड़ी आई। प्रत्यक्षदाशियों के मुताबिक वहां दस दिन पहले भी ऐसी ही घटना हो चुकी है। ट्रेक में गड्ढे जैसे बन गए थे। लोगों के अनुसार भारी लोहे से टकराने के बाद ऐसी दशा में घटना होती है। जो इंजन का पहिए उस लोहे के टुकड़े को झेल नहीं पाता।
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पूूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन दिन में करीब तीन बजे टनकपुर के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में न्यूरिया स्टेशन से आगे और मझोला स्टेशन से पहले पोलीगंज के पास करीब साढ़े तीन बजे अचानक ट्रेन रुक गई। इंजन के पायलट ने ट्रेन को आगे बढ़ाने की कोशिश की, मगर ट्रेन नहीं बढ़ सकी। जब उतरकर देखा, तो इंजन के पहिए में खराबी की जानकारी हो सकी। मामले की जानकारी कंट्रोल से अफसरों को दी गई। रास्ते में ट्रेन खड़ी होने से टनकपुर से पीलीभीत आ रही डेेमो ट्रेन को मझोला में रोका गया।
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टनकपुर जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस को न्यूरिया और मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन को पीलीभीत जंक्शन पर रोक लिया गया था। बाद में दूसरे इंजन को मंगाकर किसी तरह ट्रेन को न्यूरिया स्टेशन तक लाया गया। इसके बाद रास्ते में खड़ी ट्रेनों को रवाना किया गया। सूचना मिलने पर स्थानीय रेल अफसर मौके पर पहुंच गए।
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दस दिन पहले भी हो चुकी ऐसी ही घटना
मंगलवार को जिस स्थान पर यह गड़बड़ी आई। प्रत्यक्षदाशियों के मुताबिक वहां दस दिन पहले भी ऐसी ही घटना हो चुकी है। ट्रेक में गड्ढे जैसे बन गए थे। लोगों के अनुसार भारी लोहे से टकराने के बाद ऐसी दशा में घटना होती है। जो इंजन का पहिए उस लोहे के टुकड़े को झेल नहीं पाता।