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फाटक बंद करने के विरोध में ग्रामीणों ने रोकी ट्रेन
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:40 PM IST
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रेल विभाग के अधिकारियों ने करीब एक माह पूर्व एसडीएम एपी श्रीवास्तव के साथ मौका मुआयना करने के बाद गांव रुरिया के पास रेलवे का फाटक बंद करने का प्रस्ताव पास कर दिया था। रेलवे के अधिकारी उसी प्रस्ताव के क्रम में शुक्रवार को गांव रुरिया स्थित रेलवे फाटक बंद करने पहुंचे थे। जैसे ही अधिकारियों ने फाटक बंद करने का कार्य शुरू कराया वैसे ही आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण वहां एकत्र हो गए और फाटक बंद करने का विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि इस फाटक के बंद होने से इलाके के दर्जनों ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो जाएगी। ग्रामीणों ने रेलवे के विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। इसी बीच करीब 11.15 बजे पीलीभीत से शाहजहांपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन नंबर 52232 अप आ गई। प्रदर्शनकारियों ने वह ट्रेन भी रुकवा दी। दो मिनट रोकने के बाद चालक ट्रेन लेकर शाहजहांपुर चला गया। इसी दौरान बीसलपुर से रेलवे बोर्ड के सदस्य राजेश सिंह ने मौके पर आकर ग्रामीणों की बात सुनी। उन्होंने ग्रामीणों की बात को जायज बताते हुए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर योगेश कुुमार की सेलफोन पर केेंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से बात कराई। केंद्रीय मंत्री के कहने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने रेलवे फाटक बंद करने का कार्य रुकवा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया। रेल अधिकारियों ने सुरक्षा के वास्ते रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारियों को बुला लिया था।
हादसों के कारण हुआ बंद का निर्णय
पीलीभीत से आए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर योगेश कुमार का कहना है कि गांव रुरिया के पास स्थित मानव रहित रेलवे फाटक पर कई बडे़ हादसे हो चुके हैं। इसी वजह से विभाग ने इस फाटक को बंद कर मात्र आधा किमी. दूर स्थित गांव नरायनपुर के रेलवे फाटक से ग्रामीणोें के गुजरने का वैकल्पिक बंदोबस्त किया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे पसंद नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि रुरिया के रेलवे फाटक को बंद करने का निर्णय एसडीएम एपी श्रीवास्तव की लिखित सहमति के बाद लिया गया था। सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने यह भी बताया कि इज्जतनगर के डीआरएम को इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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हादसों के कारण हुआ बंद का निर्णय
पीलीभीत से आए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर योगेश कुमार का कहना है कि गांव रुरिया के पास स्थित मानव रहित रेलवे फाटक पर कई बडे़ हादसे हो चुके हैं। इसी वजह से विभाग ने इस फाटक को बंद कर मात्र आधा किमी. दूर स्थित गांव नरायनपुर के रेलवे फाटक से ग्रामीणोें के गुजरने का वैकल्पिक बंदोबस्त किया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे पसंद नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि रुरिया के रेलवे फाटक को बंद करने का निर्णय एसडीएम एपी श्रीवास्तव की लिखित सहमति के बाद लिया गया था। सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने यह भी बताया कि इज्जतनगर के डीआरएम को इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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