{"_id":"5e8f541f8ebc3e6ff06bcbba","slug":"tiger-terror-pilibhit-news-bly402202913","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ देखकर बाइक सवार ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान... दूसरा मंदिर में छिपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ देखकर बाइक सवार ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान... दूसरा मंदिर में छिपा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत/गजरौला। मंदिर से घर लौटते समय बाइक सवार दो लोगों के सामने सिरसा सरदहा गांव के पास दो बाघ आ गए। जान बचाने के लिए एक ने पेड़ पर चढ़कर तो उसके साथी ने ने मंदिर में छिपकर जान बचाई। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और ट्रैक्टर से आसपास क्षेत्र की कांबिंग की। घटना से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है।
माला रेंज से सटी कॉलानियों के आसपास दो माह से बाघों की चहलकदमी बनी हुई है। दो माह में बाघ हमलों में छह ग्रामीणों की मौत के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन भी खासा सक्रिय है। इस बीच बुधवार शाम सात बजे के आसपास इलाके में दो बाघ देखे जाने से दहशत फैल गई। माला रेंज से सटी गोयल कॉलोनी निवासी शंभू विश्वास और श्रीदाम तपाताल मंदिर गए थे। दोनों शाम सात बजे मंदिर से बाइक से घर लौट रहे थे। गांव सिरसा सरदहा के पास जंगल से निकले दो बाघ सड़क पर आ खड़े हो गए। बाइक की हेडलाइट की रोशनी जैसे ही बाघों पर पड़ी, बाइक सवार दोनों लोग घबरा गए। दोनों ने उस समय सूझबूझ से काम लिया। श्रीदाम तो पास के ही एक पेड़ चढ़ गया, वहीं शंभू भागकर मंदिर में छिप गया। तब जाकर दोनों की जान बची। बाइक सवारों ने फोन से बाघ की सूचना गांव में दी। ग्रामीणों से सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ट्रैक्टर के साथ मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने पर बाइक सवार पेड़ से उतरकर और मंदिर से बाहर निकलकर आए। वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टरों से बाघों की तलाश की लेकिन उनकी लोकेशन नहीं मिली। आधा घंटे से अधिक समय तक कांबिंग के बाद टीम वापस चली गई। माना जा रहा है कि दोनों बाघ जंगल में चले गए। कॉलोनी के समीप बाघ दिखने से ग्रामीणों में खासी दहशत है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने इस घटना की पुष्टि की।
विज्ञापन
माला रेंज से सटी कॉलानियों के आसपास दो माह से बाघों की चहलकदमी बनी हुई है। दो माह में बाघ हमलों में छह ग्रामीणों की मौत के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन भी खासा सक्रिय है। इस बीच बुधवार शाम सात बजे के आसपास इलाके में दो बाघ देखे जाने से दहशत फैल गई। माला रेंज से सटी गोयल कॉलोनी निवासी शंभू विश्वास और श्रीदाम तपाताल मंदिर गए थे। दोनों शाम सात बजे मंदिर से बाइक से घर लौट रहे थे। गांव सिरसा सरदहा के पास जंगल से निकले दो बाघ सड़क पर आ खड़े हो गए। बाइक की हेडलाइट की रोशनी जैसे ही बाघों पर पड़ी, बाइक सवार दोनों लोग घबरा गए। दोनों ने उस समय सूझबूझ से काम लिया। श्रीदाम तो पास के ही एक पेड़ चढ़ गया, वहीं शंभू भागकर मंदिर में छिप गया। तब जाकर दोनों की जान बची। बाइक सवारों ने फोन से बाघ की सूचना गांव में दी। ग्रामीणों से सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ट्रैक्टर के साथ मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने पर बाइक सवार पेड़ से उतरकर और मंदिर से बाहर निकलकर आए। वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टरों से बाघों की तलाश की लेकिन उनकी लोकेशन नहीं मिली। आधा घंटे से अधिक समय तक कांबिंग के बाद टीम वापस चली गई। माना जा रहा है कि दोनों बाघ जंगल में चले गए। कॉलोनी के समीप बाघ दिखने से ग्रामीणों में खासी दहशत है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने इस घटना की पुष्टि की।
विज्ञापन