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Pilibhit News: विकास कार्यों में की घपलेबाजी, जवाब न देने पर एफआईआर के आदेश
Tue, 09 Sep 2025 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:43 PM IST
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पीलीभीत। विकास कार्यों में सचिव ने प्रधान के साथ मिलकर घपलेबाजी की। ग्राम पंचायत सदस्यों की शिकायत पर हुई जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी सचिव की ओर से अभिलेख सहित अफसरों को जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद डीपीआरओ की ओर अब पंचायत सचिव पर एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए से आदेश जारी हुए हैं।
ब्लॉक पूरनपुर क्षेत्र के गांव शेरपुर कलां के ग्राम पंचायत सदस्यों ने तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह को शपथपत्र के माध्यम से शिकायत की। इसमें आरोप लगाया गया कि पंचायत सचिव विजय कुमार ने प्रधान के साथ मिलकर विकास कार्यों के नाम पर आए रुपयों का गोलमाल किया।
आरोप लगाया कि गांव में इंटरलॉकिंग, साफ-सफाई, नाली व स्लैब निर्माण, मिट्टी भराव आदि मदों में कार्य दर्शाकर लाखों रुपये का गोलमाल कर लिया। मामले की शिकायत पर डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई।
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जांच के दौरान पाया गया कि सचिव और प्रधान की ओर से विकास कार्याें के लिए आए हुए रुपयों का जमकर गोलमाल किया। इसके बाद जांच आख्या रिपोर्ट विभागीय माध्यम से डीएम को साैंप दी गई।
पंचायत सचिव विजय कुमार से कई बार इस संबंध में अभिलेख सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने के निर्देश जारी हुए। इसके बाद भी पंचायत सचिव ने अभिलेख सहित स्पष्टीकरण नहीं उपलब्ध कराया गया। प्रभारी पद पर तैनात रहे तत्कालीन डीपीआरओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की ओर से पंचायत सचिव के खिलाफ एडीओ पंचायत की ओर से एफआईआर कराए जाने के निर्देश दिए गए। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते संबंधित पर एफआईआर के आदेश जारी किए गए हैं।
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ब्लॉक पूरनपुर क्षेत्र के गांव शेरपुर कलां के ग्राम पंचायत सदस्यों ने तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह को शपथपत्र के माध्यम से शिकायत की। इसमें आरोप लगाया गया कि पंचायत सचिव विजय कुमार ने प्रधान के साथ मिलकर विकास कार्यों के नाम पर आए रुपयों का गोलमाल किया।
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आरोप लगाया कि गांव में इंटरलॉकिंग, साफ-सफाई, नाली व स्लैब निर्माण, मिट्टी भराव आदि मदों में कार्य दर्शाकर लाखों रुपये का गोलमाल कर लिया। मामले की शिकायत पर डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई।
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जांच के दौरान पाया गया कि सचिव और प्रधान की ओर से विकास कार्याें के लिए आए हुए रुपयों का जमकर गोलमाल किया। इसके बाद जांच आख्या रिपोर्ट विभागीय माध्यम से डीएम को साैंप दी गई।
पंचायत सचिव विजय कुमार से कई बार इस संबंध में अभिलेख सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने के निर्देश जारी हुए। इसके बाद भी पंचायत सचिव ने अभिलेख सहित स्पष्टीकरण नहीं उपलब्ध कराया गया। प्रभारी पद पर तैनात रहे तत्कालीन डीपीआरओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की ओर से पंचायत सचिव के खिलाफ एडीओ पंचायत की ओर से एफआईआर कराए जाने के निर्देश दिए गए। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते संबंधित पर एफआईआर के आदेश जारी किए गए हैं।