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Pilibhit News: व्यवस्था गड़बड़ाई... एमसीएच विंग में बढ़ा प्रसव का ग्राफ, कम पडे़ बेड
Wed, 03 Sep 2025 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:37 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों गर्भवती महिलाओं के प्रसव की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गई हैं। नियमित बढ़ते ऑपरेशन के बाद महिलाओं के उपचार के चलते बेड कम पड़ गए हैं, जबकि प्रसव के लिए रोजाना गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंच रही हैं। प्रसूताओं को भर्ती करना चुनौती बन गया है। प्रसूताओं को खुले हॉल में अतिरिक्त बेड पर इलाज दिया जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में वैसे तो गर्भवती व प्रसूताओं के लिए बेड की संख्या पर्याप्त है, लेकिन इन दिनों प्रसव की संख्या बढ़ने से अव्यवस्थाएं फैल गई हैं। प्रसव के लिए रोजाना करीब 30 महिलाएं आ रहीं है। इससे ऑपरेशन करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होने से अस्पताल में बेड की संख्या कम पड़ गई है।
ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं को लगभग तीन से चार दिन अस्पताल में उपचार की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में वार्ड के बाहर आठ अतिरिक्त व डॉक्टर कक्ष में दो बेड की व्यवस्था की गई है। एमसीएच विंग में गायनी वार्ड में आठ बेड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में नौ बेड, जनरल में आठ और नौ अन्य बेड पड़े हैं। बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है।
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पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों गर्भवती महिलाओं के प्रसव की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गई हैं। नियमित बढ़ते ऑपरेशन के बाद महिलाओं के उपचार के चलते बेड कम पड़ गए हैं, जबकि प्रसव के लिए रोजाना गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंच रही हैं। प्रसूताओं को भर्ती करना चुनौती बन गया है। प्रसूताओं को खुले हॉल में अतिरिक्त बेड पर इलाज दिया जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में वैसे तो गर्भवती व प्रसूताओं के लिए बेड की संख्या पर्याप्त है, लेकिन इन दिनों प्रसव की संख्या बढ़ने से अव्यवस्थाएं फैल गई हैं। प्रसव के लिए रोजाना करीब 30 महिलाएं आ रहीं है। इससे ऑपरेशन करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होने से अस्पताल में बेड की संख्या कम पड़ गई है।
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ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं को लगभग तीन से चार दिन अस्पताल में उपचार की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में वार्ड के बाहर आठ अतिरिक्त व डॉक्टर कक्ष में दो बेड की व्यवस्था की गई है। एमसीएच विंग में गायनी वार्ड में आठ बेड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में नौ बेड, जनरल में आठ और नौ अन्य बेड पड़े हैं। बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है।
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