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कोटे का गेहूं बताकर प्रधान समर्थकों का हंगामा, शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:33 PM IST
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कोटेदार के चचेरे देवर द्वारा बाजार में बिक्री को लाए गए गेहूं को राशन कोटे का खाद्यान्न बताकर ग्राम प्रधान समर्थकों ने जमकर हंगामा काटा। बाद में राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में गेहूं राशन कोटे का नहीं पाया गया।
मामला शाहजहांपुर के गांव बेला का है। गांव की राशन कोटेदार विद्या देवी का चचेरा देवर देवेंद्र कुमार शनिवार सुबह गेहूं से भरे दस प्लास्टिक बोरों को बिक्री करने जोगराजपुर आया हुआ था। इस बीच गांव बेला के तमाम प्रधान समर्थक भी पीछे से आ धमके और गेहूं को राशन कोटे का गेहूं बताकर शोर-शराबे के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ समर्थकों ने सेहरामऊ पुलिस के अलावा राजस्व विभाग के अधिकारियों को कॉल कर राशन कोटे का गेहूं बाजार में बिक्री करने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सेहरामऊ उत्तरी थाने के दरोगा आरडी शर्मा पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शोर शराबा कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया। इस बीच राजस्व अधिकारियों के निर्देश पर पुवायां के राजस्व निरीक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौके पर गेहूं को प्लास्टिक के बोरों में भरा होना पाया। इसके बाद उन्होंने गांव पहुंचकर राशन कोटे के अभिलेखों की भी जांच की। जांच में बाजार में बिक्री को ले जाया गेहूं राशन कोटे का न होना पाया गया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि राशन कोटे के अभिलेखों की जांच में स्टाक दुरुस्त पाया गया है। गेहूं राशन कोटे का नहीं है।
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मामला शाहजहांपुर के गांव बेला का है। गांव की राशन कोटेदार विद्या देवी का चचेरा देवर देवेंद्र कुमार शनिवार सुबह गेहूं से भरे दस प्लास्टिक बोरों को बिक्री करने जोगराजपुर आया हुआ था। इस बीच गांव बेला के तमाम प्रधान समर्थक भी पीछे से आ धमके और गेहूं को राशन कोटे का गेहूं बताकर शोर-शराबे के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ समर्थकों ने सेहरामऊ पुलिस के अलावा राजस्व विभाग के अधिकारियों को कॉल कर राशन कोटे का गेहूं बाजार में बिक्री करने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सेहरामऊ उत्तरी थाने के दरोगा आरडी शर्मा पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शोर शराबा कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया। इस बीच राजस्व अधिकारियों के निर्देश पर पुवायां के राजस्व निरीक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौके पर गेहूं को प्लास्टिक के बोरों में भरा होना पाया। इसके बाद उन्होंने गांव पहुंचकर राशन कोटे के अभिलेखों की भी जांच की। जांच में बाजार में बिक्री को ले जाया गेहूं राशन कोटे का न होना पाया गया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि राशन कोटे के अभिलेखों की जांच में स्टाक दुरुस्त पाया गया है। गेहूं राशन कोटे का नहीं है।
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