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Pilibhit News: बाघ की निगरानी में जुटी टीमें, नहीं लगा सुराग

Thu, 11 Apr 2024 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 02:03 AM IST
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Teams engaged in monitoring the tiger, no trace found
रानीगंज गांव में मृतक के परिवार वालो से बात करते एसडीएम आशुतोष गुप्ता । स्रोत - स्वयं
कलीनगर। बाघ के हमले से किसान भोलेराम की मौत के मामले में पीटीआर के अफसर गंभीर हैं। बाघ की निगरानी के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है। क्षेत्र में लगे कैमरों से भी बाघ पर नजर रखने की बात कही जा रही है। हालांकि घटनास्थल को लेकर अफसर अभी कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
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माला रेंज से सटे पुरैनी दीपनगर गांव के निकट जंगल के किनारे मवेशियों को चराते समय रानीगंज निवासी भोलेराम को बाघ ने हमला कर मार दिया था। ग्रामीणों के अनुसार बाघ ने शव को जंगल के अंदर ले जाकर खाया। किसी तरह ग्रामीण शव को जंगल से बाहर लाए थे। ग्रामीणों की भीड़ के बीच पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
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घटना के बाद पीटीआर के अफसर गंभीर हुए। बाघ की निगरानी के लिए टीमों को सतर्क किया गया। रेंजर आरके सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पूर्व से ही लगे कैमरों की मदद ली जा रही है। घटनास्थल की हकीकत परखने के लिए जांच जारी है।
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गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को किसान का शव घर लाया गया। शव देख परिजन बदहवास हो गए। पुत्र और पुत्रियां बेसुध होने लगे। बिलखते परिजनों को ग्रामीणों ने संभाला। इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने गांव पहुंचकर परिजनों को नियमानुसार मदद का भरोसा दिलाया। सपा प्रत्याशी ने भी गांव पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया।

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वन विभाग से नहीं मिलेगा मुआवजा

पीलीभीत। बाघ के हमले में जान गंवाने वाले गांव रानीगंज निवासी किसान भोलेराम के परिजनों को वन विभाग से मुआवजा नहीं मिलेगा। ग्रामीण का शव जंगल के अंदर से बरामद किया गया था। इस वजह से विभाग इसे जंगल के अंदर की घटना मान रहा है। हालांकि अभी असमंजस की स्थिति है। विभाग का दावा है कि वन कर्मियों ने ग्रामीण को जंगल के अंदर जाने से मना किया था। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि नियमानुसार जंगल क्षेत्र में घटना होने पर मुआवजा नहीं मिल सकता है। शासन की ओर से इसकी प्रक्रिया की जाती है। ग्रामीण का शव 700 मीटर जंगल के अंदर से बरामद किया गया था। स्टॉफ ने भी ग्रामीण को जंगल के अंदर जाने से मना किया था। संवाद
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