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कौशल सीखकर छात्र-छात्राएं हों मजबूत, राष्ट्र निर्माण में करें योगदान: मंडलायुक्त
Fri, 12 Sep 2025 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:52 PM IST
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पीलीभीत। समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के दूसरे दिन रामलुभाई साहनी राजकीय महिला महाविद्यालय एवं राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज सभागार में छात्र-छात्राओं से संवाद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और राज्य अतिथि ने किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपने अपने सुझाव दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प लिया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डाॅलर बनाना है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं कौशल सीखकर मजबूत हों और राष्ट्र निर्माण में योगदान करें। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में कभी इतनी समृद्धि थी कि उसे सोने की चिड़िया कहा जाता था। भारत को पुनः समृद्ध करने के लिए विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य अतिथि प्रोफेसर एमके सिंह ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में जो विकास हुआ है, वो परिलक्षित है। उन्होंने कहा कि 2047 तक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 06 ट्रिलियन डालर तक ले जाने का लक्ष्य है। लक्ष्य वृहद है, लेकिन जिस तरह की प्रगति हुई है। उसे देखते हुए 2047 तक लक्ष्य की प्राप्ति हो जाएगी।
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राज्य अतिथि एसएस ढाका ने बताया कि सभी छात्र-छात्राएं क्यूआर कोड स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से विकसित उत्तर प्रदेश के संबंध में प्रश्नोत्तर करते हुए अपने विचार रखें। इस मौके पर राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखें। इसमें विलुप्त हो रही जड़ी बूटियों का संरक्षण, बीज बैंक, औषधियों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रत्येक मंडल में एक लैब तथा अनुसंधान के लिए संसाधन उपलब्ध कराने जैसे सुझाव दिए।
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मंडलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प लिया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डाॅलर बनाना है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं कौशल सीखकर मजबूत हों और राष्ट्र निर्माण में योगदान करें। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में कभी इतनी समृद्धि थी कि उसे सोने की चिड़िया कहा जाता था। भारत को पुनः समृद्ध करने के लिए विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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राज्य अतिथि प्रोफेसर एमके सिंह ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में जो विकास हुआ है, वो परिलक्षित है। उन्होंने कहा कि 2047 तक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 06 ट्रिलियन डालर तक ले जाने का लक्ष्य है। लक्ष्य वृहद है, लेकिन जिस तरह की प्रगति हुई है। उसे देखते हुए 2047 तक लक्ष्य की प्राप्ति हो जाएगी।
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राज्य अतिथि एसएस ढाका ने बताया कि सभी छात्र-छात्राएं क्यूआर कोड स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से विकसित उत्तर प्रदेश के संबंध में प्रश्नोत्तर करते हुए अपने विचार रखें। इस मौके पर राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखें। इसमें विलुप्त हो रही जड़ी बूटियों का संरक्षण, बीज बैंक, औषधियों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रत्येक मंडल में एक लैब तथा अनुसंधान के लिए संसाधन उपलब्ध कराने जैसे सुझाव दिए।