{"_id":"570153cb4f1c1b401ec81311","slug":"starting-from-friday-chaitra-navratri-will","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुक्रवार से प्रारंभ होंगे चैत्र नवरात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुक्रवार से प्रारंभ होंगे चैत्र नवरात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीमद् दैवज्ञ भस्कर ज्योतिष सेवा के आचार्य सूर्य प्रकाश शर्मा के अनुसार इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा शुक्रवार आठ अप्रैल को है इसलिए नवरात्रि आठ अप्रैल से शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सौर मंडलीय सत्ता ने राजा का पद शुक्र को दिया है, इससे शासन प्रशासन पर जनता का सहयोग बनेगा, वहीं तस्कर और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को यह वर्ष अशुभ रहेगा।
आचार्य शर्मा के अनुसार चैत्र शुक्ल को ही ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। इस दिन से ही नवरात्र शुरू होंगे, लेकिन इस बार षष्ठी तिथि की हानि होने के कारण एक व्रत कम रहेगा और 14 अप्रैल को दुर्गाष्टमी व्रत व 15 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का प्रमुख महत्व
- ब्रह्माजी ने इसी दिन सृष्टि की रचना की।
-व्रिकमी संवतसर (नववर्ष) प्रारंभ होता है।
-नवरात्र का प्रारंभ इसी दिन होता है।
-प्रभु श्रीराम का राज्यभिषेक इसी दिन हुआ था।
-युधिष्ठिर का राज्यभिषेक इसी दिन हुआ
-महर्षि गौतम जयंती होती है।
-झूलेलाल का जन्मदिवस है।
-गुरु अंगददेव का जन्मदिन है।
-डॉ. हेडगेवार जयंती
विज्ञापन
आचार्य शर्मा के अनुसार चैत्र शुक्ल को ही ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। इस दिन से ही नवरात्र शुरू होंगे, लेकिन इस बार षष्ठी तिथि की हानि होने के कारण एक व्रत कम रहेगा और 14 अप्रैल को दुर्गाष्टमी व्रत व 15 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी।
विज्ञापन
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का प्रमुख महत्व
- ब्रह्माजी ने इसी दिन सृष्टि की रचना की।
-व्रिकमी संवतसर (नववर्ष) प्रारंभ होता है।
-नवरात्र का प्रारंभ इसी दिन होता है।
-प्रभु श्रीराम का राज्यभिषेक इसी दिन हुआ था।
-युधिष्ठिर का राज्यभिषेक इसी दिन हुआ
-महर्षि गौतम जयंती होती है।
-झूलेलाल का जन्मदिवस है।
-गुरु अंगददेव का जन्मदिन है।
-डॉ. हेडगेवार जयंती