फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Somewhere long queues have got somewhere silence spreads

कहीं लंबी कतार, तो कहीं पसरा मिला सन्नाटा

Sat, 19 Nov 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sat, 19 Nov 2016 10:50 PM IST
विज्ञापन
Somewhere long queues have got somewhere silence spreads
कहीं लंबी कतार - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के बाद लोगों की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही है। किसी के सामने नोट बदलने की तो जमा करने के बाद नोट निकालने की परेशानी बनी हुई है। शनिवार को अधिकांश बैंकों में कै श की दिक्कत रहने से सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। तो एसबीआई बैंक में पूरे दिन लंबी कतार लगी रही। हर कोई नोटबंदी के बाद से व्यवस्था सुधार को लेकर दिए जा रहे आश्वासन पर असंतुष्ट दिखाई दिया। 
विज्ञापन

बैंक खुलने से पहले ही करीब आठ बजे से लोग घरों से निकलकर बैंकों के बाहर पहुंचना शुरु हो गए। घंटों इंतजार करने के बाद बैंक में पहुंचे ही थे कि कैश की किल्लत के चलते लोगों को निराश होना पड़ा। बैंक आफ बड़ौदा पुरानागंज , इलाहाबाद बैंक आदि में कैश न होने के कारण लेनदेन ठप पड़ा रहा। जिसको लेकर बैंकों में भीड़ ज्यादा देर नहीं टिक सकी। सिर्फ कैश जमा करने वालों को ही इंट्री दी गई। इसके अलावा बैंकों के बाहर भी कैश न होने और सिर्फ जमा करने की सूचना चस्पा कराई गई। ताकि लोगों को दिक्कत न हो सके। इधर एसबीआई बैंक में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ लगी रही। लेकिन एक दिन पूर्व कनेक्टिविटी फेल होने के चलते प्रभावित हुए कामकाज को लेकर बैंक कर्मियों ने सिर्फ अपने खाता धारकों के  ही नोट बदले। इसके अलावा बुजर्गों को रुपया दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक में भी खाताधारकों को ही सुविधा का लाभ मिल सका। खास बात रही कि कुछ देर इंतजार करने के बाद लोग खुद ही नदारद हो गए।
विज्ञापन

बुजुर्गों की कतार में घुस आए नौजवान 
बैंक प्रबंधन की ओर से शनिवार को खासकर बुजुर्ग लोगों को पेंमेट दिए जाने की बात कही गई थी। लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर बैंकों में कहीं दिखाई नहीं दिया। कैश न होने के कारण जहां-तहां बुजुर्ग बैंकों से निराश लौटे तो वहंी बैंकों में कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। बुजुर्गों के लिए कोई अलग लाइन नहीं लगवाई गई थी। जिसके चलते बैंकों में नौजवान बुजुर्गों की कतार में घुसे रहे। इसको देखने वाला कोई नहीं था। कई जगहों पर तो बैंक कर्मचारी भी बुजुर्गों को लेकर किए गए आदेश से अनभिज्ञता जताते दिखे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

आते ही खत्म हो गया एटीएम का कैश 
बैंकों के बाद लोगों को एटीएम पर उम्मीदें थी, लेकिन यहां भी लोगों को समाधान नहीं मिल सका। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई आदि कई बैंकों के एटीएम में दोपहर को कैश तो लोड किया गया। जिसके बाद भीड़ भी जमा हो गई। लंबी लंबी कतारें एटीएम के बाहर लग गई, लेकिन कुछ ही देर में कैश समाप्त होने पर एटीएम के शटर गिराने पड़ गए और लोग घंटों लाइन में लगने के बाद बिना रुपये निकाले ही निराश लौटे। जिसके बाद पूरे दिन एटीएम शोपीस बनकर रह गए। 
सेटिंग वालों को नहीं आ रही दिक्कत 
नोटबंदी के फैसले के बाद से सोशल साइट्स पर बैंक कर्मचारियों को लेकर तरह तरह के जोक्स वायरल हो रहे है। लेकिन उसमें बताए जा रही कुछ बातें हकीकत में सही भी साबित हो रही है। बैंकों की कतार में खड़े लोगों की मानें तो सुबह से लाइन में खड़े होने वालों को भले ही कैश मिलने में दिक्कत रहो रही है, लेकिन बड़े व्यापारियों का लेनदेन समय से कर दिया जा रहा है। या फिर बैंक में काम करने वालों से पहचान होने पर लाइन में लगने की भी जरुरत नहीं पड़ रही। 

समाधान दिवस पर भी दिखा नोटबंदी का असर 
पीलीभीत। फरियादियों की त्र्समस्याओं के थाना स्तर पर निस्तारण के लिए शासन की ओर से प्रत्येक माह के पहले व तीसरे शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। जिसमें थाने पर ही राजस्व टीम के साथ पुलिस अधिकारी समस्याओं का समाधान कराते है। अमूमन काफी भीड़ भी रहती है, लेकिन शनिवार को नोटबंदी का असर समाधान दिवस पर भी दिखाई दिया। शहर कोतवाल इंद्र सिंह, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल शर्मा समेत जिले के समस्त थानों के प्रभारी थानों पर फरियादियों का इंतजार करते रह गए, लेकिन इक्का -दुक्का लोग ही आए। सुनगढ़ी में तो खाता ही नहीं खुल सका। पुलिस खुद भी नोटबंदी का असर मानती दिखी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed