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Pilibhit News: बसों की तलाश में भटकीं बहनें, डग्गामार वाहन बने सहारा
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पीलीभीत के असम चौराहे के पास बीसलपुर मार्ग पर टेंपो में बैठती सवारी।संवाद
पीलीभीत। भाई दूज पर बहनों और भाइयों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराने का परिवहन निगम के अफसरों का दावा खोखला साबित हुआ। शनिवार को शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर यात्री परेशान होकर भटकते दिखे। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। लंबे मार्ग पर तो रोडवेज बसों की व्यवस्था दिखी, लेकिन स्थानीय मार्गों पर डग्गामार वाहन ही यात्रियों का सहारा बने।
दीपावली के बाद भैया दूज पर्व पर भाइयों को टीका करने बहनें उनके घर जाती है। बहनों के न पहुंचने पर भाई उनके घर जाते हैं। दूर रहने वाले भाइयों के पास पहुंचने के लिए एक दिन पूर्व ही बहनें रवाना हो जाती है।
भाइयों के घर जाने में बहनों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रोडवेज ने विशेष इंतजाम करने का दावा किया था। बसों के फेरे बढ़ाए जाने की बात कही थी। शनिवार को परिवहन निगम के दावे कागजी निकले। शहर के असम चौराहा, नौगवा और माधोटांडा चौराहे पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। रोडवेज बसों के इंतजार में बहनें काफी देर तक भटकती रहीं। बस न मिलने पर उन्हें मजबूर होकर डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा।
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माधोटांडा मार्ग पर रही सबसे अधिक समस्या
माधोटांडा मार्ग पर रोडवेज बस की लंबे समय से कोई सेवा नहीं है। इस मार्ग पर डग्गामार ही यात्रियों का सहारा बनते हैं। शाम चार बजे के बाद इस मार्ग पर वाहनों का टोटा हो जाता है। ऐसे में शनिवार को भी बाहर से आने वाले यात्रियों को अपने घरों के लिए पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें लंबी दूरी तय कर असम हाईवे से पूरनपुर होकर माधोटांडा जाना पड़ा।
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भाई दूज मनाने के लिए मायके बहेड़ी जाना है। आधा घंटा से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक कोई भी रोडवेज की बस नहीं आई है। सवारी न मिलने से दिक्कत हो रही है।
-नत्थो देवी
-
शाहजहांपुर जाने के लिए काफी देर से चौराहे पर खड़ा हुआ हूं। मगर कोई भी बस नहीं आई है। अब मैजिक या फिर किसी अन्य वाहन से ही जाना पड़ेगा।
- विजय पाल
-
बरेली जाने के लिए करीब एक घंटे से चौराहे पर इंतजार कर रहे हैं। लंबे मार्ग के बस चालक स्थानीय सवारियां बिठा नहीं रहे है। अब किसी प्राइवेट वाहन से ही जाना होगा।
-वसीम
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स्थानीय मार्गाें पर बसों का संचालन कराने के साथ ही फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।
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दीपावली के बाद भैया दूज पर्व पर भाइयों को टीका करने बहनें उनके घर जाती है। बहनों के न पहुंचने पर भाई उनके घर जाते हैं। दूर रहने वाले भाइयों के पास पहुंचने के लिए एक दिन पूर्व ही बहनें रवाना हो जाती है।
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भाइयों के घर जाने में बहनों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रोडवेज ने विशेष इंतजाम करने का दावा किया था। बसों के फेरे बढ़ाए जाने की बात कही थी। शनिवार को परिवहन निगम के दावे कागजी निकले। शहर के असम चौराहा, नौगवा और माधोटांडा चौराहे पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। रोडवेज बसों के इंतजार में बहनें काफी देर तक भटकती रहीं। बस न मिलने पर उन्हें मजबूर होकर डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा।
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माधोटांडा मार्ग पर रही सबसे अधिक समस्या
माधोटांडा मार्ग पर रोडवेज बस की लंबे समय से कोई सेवा नहीं है। इस मार्ग पर डग्गामार ही यात्रियों का सहारा बनते हैं। शाम चार बजे के बाद इस मार्ग पर वाहनों का टोटा हो जाता है। ऐसे में शनिवार को भी बाहर से आने वाले यात्रियों को अपने घरों के लिए पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें लंबी दूरी तय कर असम हाईवे से पूरनपुर होकर माधोटांडा जाना पड़ा।
भाई दूज मनाने के लिए मायके बहेड़ी जाना है। आधा घंटा से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक कोई भी रोडवेज की बस नहीं आई है। सवारी न मिलने से दिक्कत हो रही है।
-नत्थो देवी
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शाहजहांपुर जाने के लिए काफी देर से चौराहे पर खड़ा हुआ हूं। मगर कोई भी बस नहीं आई है। अब मैजिक या फिर किसी अन्य वाहन से ही जाना पड़ेगा।
- विजय पाल
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बरेली जाने के लिए करीब एक घंटे से चौराहे पर इंतजार कर रहे हैं। लंबे मार्ग के बस चालक स्थानीय सवारियां बिठा नहीं रहे है। अब किसी प्राइवेट वाहन से ही जाना होगा।
-वसीम
स्थानीय मार्गाें पर बसों का संचालन कराने के साथ ही फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।

पीलीभीत के असम चौराहे के पास बीसलपुर मार्ग पर टेंपो में बैठती सवारी।संवाद

पीलीभीत के असम चौराहे के पास बीसलपुर मार्ग पर टेंपो में बैठती सवारी।संवाद

पीलीभीत के असम चौराहे के पास बीसलपुर मार्ग पर टेंपो में बैठती सवारी।संवाद

पीलीभीत के असम चौराहे के पास बीसलपुर मार्ग पर टेंपो में बैठती सवारी।संवाद