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Pilibhit News: जिले में खुलेंगे सात और नगरीय आरोग्य मंदिर, बढ़ेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
Sat, 30 Aug 2025 11:50 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:50 PM IST
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पीलीभीत। जिले वासियों की स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और बढ़ने जा रहा है। शासन से मिली मंजूरी के बाद जिले में सात नए नगरीय आरोग्य मंदिर खुलने जा रहे हैं। इनमें पूरनपुर में दो, बीसलपुर में दो व पीलीभीत शहर में तीन आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने से आमजन को नजदीक में ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
नगरीय आरोग्य मंदिरों के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों के लोगों को सामान्य बीमारियों की जांच, दवाएं और जरूरी परामर्श मिलेगा। साथ ही बच्चों और महिलाओं के टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी इन केंद्रों से संचालित किए जाएंगे। ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों की तरह अब शहरवासियों को भी अपने मोहल्ले या कॉलोनी के पास ही बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जिले में सात अर्बन आरोग्य मंदिरों की स्थापना का उद्देश्य जिला अस्पताल और सीएचसी पर मरीजों की भीड़ को कम करना है। सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा रोग, खांसी आदि का इलाज अब नजदीक ही संभव होगा। साथ ही गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों के लिए रेफर भी किया जाएगा। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इन केंद्रों में पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, फार्मासिस्ट और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। धीरे-धीरे यहां पर डॉक्टरों की भी तैनाती की जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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झोलाछाप के चक्कर में नहीं फंसेंगे मरीज
शहर में तीन अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व तीन अर्बन आयुष्मान मंदिर पहले से चल रहे हैं। यह सभी नगरीय मलीन बस्तियों में संचालित हो रहे हैं। इससे बस्तियों में मरीजों पर इलाज के नाम पर पैसे ठगने वाले झोलाछाप की कमाई पर फर्क पड़ रहा है। मोहल्लों में स्वास्थ्य केंद्र खुलने से मरीज निशुल्क स्वास्थ्य सेवा की ओर से भाग रहा है। इससे झोलाछापों की कमाई बंद हो रही है।
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नगरीय आरोग्य मंदिरों के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों के लोगों को सामान्य बीमारियों की जांच, दवाएं और जरूरी परामर्श मिलेगा। साथ ही बच्चों और महिलाओं के टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी इन केंद्रों से संचालित किए जाएंगे। ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों की तरह अब शहरवासियों को भी अपने मोहल्ले या कॉलोनी के पास ही बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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जिले में सात अर्बन आरोग्य मंदिरों की स्थापना का उद्देश्य जिला अस्पताल और सीएचसी पर मरीजों की भीड़ को कम करना है। सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा रोग, खांसी आदि का इलाज अब नजदीक ही संभव होगा। साथ ही गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों के लिए रेफर भी किया जाएगा। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इन केंद्रों में पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, फार्मासिस्ट और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। धीरे-धीरे यहां पर डॉक्टरों की भी तैनाती की जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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झोलाछाप के चक्कर में नहीं फंसेंगे मरीज
शहर में तीन अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व तीन अर्बन आयुष्मान मंदिर पहले से चल रहे हैं। यह सभी नगरीय मलीन बस्तियों में संचालित हो रहे हैं। इससे बस्तियों में मरीजों पर इलाज के नाम पर पैसे ठगने वाले झोलाछाप की कमाई पर फर्क पड़ रहा है। मोहल्लों में स्वास्थ्य केंद्र खुलने से मरीज निशुल्क स्वास्थ्य सेवा की ओर से भाग रहा है। इससे झोलाछापों की कमाई बंद हो रही है।