{"_id":"8f7de14a3471cdb0ee7bab769836ff17","slug":"service-tax-hike-protest-memorandum-submitted-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्विस टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्विस टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत।
Updated Wed, 11 Mar 2015 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उद्योग
विज्ञापन
व्यापार प्रतिनिधि मंडल के तत्वावधान में व्यापारियों ने केंद्रीय
वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन न्यायिक नायब तहसीलदार को सौंपकर बढ़े
सर्विस टैक्स को वापस लेने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के युवा जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह जौली के नेतृत्व में तमाम व्यापारी बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां व्यापारियों ने केंद्रीय वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन न्यायिक नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में व्यापारी समाज की अनदेखी की गई है।
बजट में सभी वर्गों के लिए घोषणाएं की गई, लेकिन आयकर सीमा का दायरा बढ़ाए जाने आदि की आस लगाए बैठे व्यापारियों को मायूसी ही हाथ लगी। कहा कि बजट में सर्विस टैक्स में बढ़ोत्तरी कर दी गई। जिससे महंगाई में इजाफा हुआ है।
ज्ञापन में सर्विस टैक्स बढ़ोत्तरी वापस लेने, आयकर छूट सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख करने, व्यापारियों को आयकर विभाग द्वारा बीमा, पेंशन देने का कानून बनाने, कनाडा, आस्ट्रेलिया आदि की तरह देश में भी आयकरदाताओं को शिक्षा एवं स्वास्थ्य निशुल्क देने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में वैभव अग्रवाल, मनोज राजानी, अर्जुन सिंह टहलानी, ज्वाय मैनी, हैप्पी गुप्ता, आशीष आनंद, आशीष अग्रवाल, निपेंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल के युवा जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह जौली के नेतृत्व में तमाम व्यापारी बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां व्यापारियों ने केंद्रीय वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन न्यायिक नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में व्यापारी समाज की अनदेखी की गई है।
बजट में सभी वर्गों के लिए घोषणाएं की गई, लेकिन आयकर सीमा का दायरा बढ़ाए जाने आदि की आस लगाए बैठे व्यापारियों को मायूसी ही हाथ लगी। कहा कि बजट में सर्विस टैक्स में बढ़ोत्तरी कर दी गई। जिससे महंगाई में इजाफा हुआ है।
ज्ञापन में सर्विस टैक्स बढ़ोत्तरी वापस लेने, आयकर छूट सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख करने, व्यापारियों को आयकर विभाग द्वारा बीमा, पेंशन देने का कानून बनाने, कनाडा, आस्ट्रेलिया आदि की तरह देश में भी आयकरदाताओं को शिक्षा एवं स्वास्थ्य निशुल्क देने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में वैभव अग्रवाल, मनोज राजानी, अर्जुन सिंह टहलानी, ज्वाय मैनी, हैप्पी गुप्ता, आशीष आनंद, आशीष अग्रवाल, निपेंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे।