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-कुरआन ख्वानी के साथ हुआ सेल्हा मियां के उर्स का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:20 PM IST
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दुआएं मांगीं
- फोटो : अमर उजाला
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अकीदतमंदों ने की चादरपोशी
सूफी संत सैय्यद सेल्हा मियां रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स का शुक्रवार को आगाज हो गया। जायरीनों ने चादरपोशी कर दुआएं मांगीं। वहीं दूर दराज से आने वाले जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा।
टाइगर रिजर्व से सटे सेल्हा गांव स्थित सेल्हा मियां की दरगाह शरीफ पर सुबह मेला संरक्षक हाजी नवाब अली, पूर्व संरक्षक हाजी अरशद अली, मेला प्रबंधक अब्दुल हफीज खां, मेला अध्यक्ष अकीलुर्रहमान समेत अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुरआन ख्वानी के साथ उर्स की शुरुआत हुई। दिन भर दूर दराज से आए जायरीनों ने पहुंचकर चादरपोशी की और दुआएं मांगीं। इधर मेला स्थल में बाहर से आने वाले दुकानदारों का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इधर प्रभारी निरीक्षक मनोज त्यागी व मेला चौकी इंचार्ज सिद्धराज सिंह ने मेले में पहुंचकर कमेटी के लोगों से मेले की व्यवस्था व सुरक्षा आदि के बारे में बातचीत की।
बड़ी संख्या में पहुुंचते हैं बंजारा समुदाय के लोग
मेले में प्रदेश के कई स्थानों से बंजारा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि प्राचीन समय में बंजारे नेपाल से मवेशियों का व्यापार करते थे। उस दौरान नेपाल तक जंगल ही था। ऐसे में उनके मवेशी अकसर खो जाते थे या फिर जंगली जानवरों का शिकार हो जाते थे। ऐसे में समुदाय के लोग सेल्हा बाबा से याचना कर अपने पशुओं आदि की रक्षा करते थे।
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तैनात रहेंगी डायल 100 गाड़ियां
बताते हैं मेले में शुरुआत के दो दिन तक भीड़ की कमी रहती है, लेकिन अंतिम दो दिनों में यहां बड़ी तादाद में जायरीन पहुंचते हैं। यहां वन विभाग ने जंगल की सुरक्षा को मेले में कैंप लगाया है। अस्थाई पुलिस चौकी भी स्थापित कर दी गई। वहीं जायरीनों की सुरक्षा के लिए डायल 100 गाड़ियां मौजूद रहेेगी।
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सूफी संत सैय्यद सेल्हा मियां रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स का शुक्रवार को आगाज हो गया। जायरीनों ने चादरपोशी कर दुआएं मांगीं। वहीं दूर दराज से आने वाले जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा।
टाइगर रिजर्व से सटे सेल्हा गांव स्थित सेल्हा मियां की दरगाह शरीफ पर सुबह मेला संरक्षक हाजी नवाब अली, पूर्व संरक्षक हाजी अरशद अली, मेला प्रबंधक अब्दुल हफीज खां, मेला अध्यक्ष अकीलुर्रहमान समेत अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुरआन ख्वानी के साथ उर्स की शुरुआत हुई। दिन भर दूर दराज से आए जायरीनों ने पहुंचकर चादरपोशी की और दुआएं मांगीं। इधर मेला स्थल में बाहर से आने वाले दुकानदारों का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इधर प्रभारी निरीक्षक मनोज त्यागी व मेला चौकी इंचार्ज सिद्धराज सिंह ने मेले में पहुंचकर कमेटी के लोगों से मेले की व्यवस्था व सुरक्षा आदि के बारे में बातचीत की।
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बड़ी संख्या में पहुुंचते हैं बंजारा समुदाय के लोग
मेले में प्रदेश के कई स्थानों से बंजारा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि प्राचीन समय में बंजारे नेपाल से मवेशियों का व्यापार करते थे। उस दौरान नेपाल तक जंगल ही था। ऐसे में उनके मवेशी अकसर खो जाते थे या फिर जंगली जानवरों का शिकार हो जाते थे। ऐसे में समुदाय के लोग सेल्हा बाबा से याचना कर अपने पशुओं आदि की रक्षा करते थे।
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तैनात रहेंगी डायल 100 गाड़ियां
बताते हैं मेले में शुरुआत के दो दिन तक भीड़ की कमी रहती है, लेकिन अंतिम दो दिनों में यहां बड़ी तादाद में जायरीन पहुंचते हैं। यहां वन विभाग ने जंगल की सुरक्षा को मेले में कैंप लगाया है। अस्थाई पुलिस चौकी भी स्थापित कर दी गई। वहीं जायरीनों की सुरक्षा के लिए डायल 100 गाड़ियां मौजूद रहेेगी।