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आरएमओ ने गेहूं खरीद  केंद्रों का किया निरीक्षण

Fri, 06 May 2016 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Fri, 06 May 2016 11:23 PM IST
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 आरएमओ ने मंडी समिति के गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर धीमी गेहूं खरीद पर नाराजगी जताते हुए खरीद तेज करने के निर्देश दिए। अफसरों ने गेहूं उतार की व्यवस्था का भी जायजा लिया। 
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आरएमओ ने निरीक्षण में मंडी समिति परिसर में लगे गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में गेहूं की धीमी खरीद मिलने पर नाराजगी जताते हुए गेहूं खरीद तेजी से करने और खरीद का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। आरएमओ, एडीएम अजयकांत सैनी ने गेहूं की उतार व्यवस्था का भी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद मंडी समिति कार्यालय मेें गेहूं क्रय एजेंसियों के अफसरों की बैठक लेकर गेेहूं खरीद तेज कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी आरएमओ आदि मौजूद रहे।
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06 पीबीटीपी 21
गेहूं का उतार न होने से बढ़ रहीं दिक्कतें
क्रासर....
जिले के पांच गोदामों पर खड़े हैं 180 ट्रक 
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में गेहूं की खरीद में उतार की समस्या आड़े आ रही है। धीमी गति से उतार होने और अधिकारियों का नियंत्रण न होने के कारण जिले के पांच गोदामों पर 180 ट्रक खड़े हुए हैं। इससे हैंडलिंग ठेकेदार को एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से हर ट्रक को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। इसका असर गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने पर पड़ेगा।
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भंडारण और खरीद से जुड़े अधिकारियों की अदूरदर्शिता के कारण इस बार जिले में शुरू से ही उतार की समस्या बनी हुई है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 4.33 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से सिर्फ 3.30 लाख क्विंटल गेहूं का ही उतार हो सका है और गोदाम लगभग फुल हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। शुक्रवार तक लगभग एक लाख क्विंटल उतार को बाकी है। इसमें लगभग 45 हजार क्विंटल गेहूं लदे 180 ट्रक विभिन्न गोदामों पर खड़े हैं।

शहर के गोदामों में होगा उतार
गेहूं उतार की समस्या होने पर हैंडलिंग ठेकेदारों ने प्रशासन के साथ उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की है। इस पर एसडब्ल्यूडी के क्षेत्रीय प्रबंधक एएस खान पीलीभीत पहुंचे। यहां उन्होंने प्रबंधक नरेंद्र शर्मा और डिप्टी आरएमओ एसके यादव के साथ टनकपुर रोड पर नेहरू पार्क के निकट स्थित गोदामों का निरीक्षण किया और हाइवे के पूरब की ओर खाली पड़े गोदामों में उतार शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। शनिवार से इनमें उतार शुरू कराया जाएगा।

उतार की स्थिति (लाख क्विंटल में)
गोदाम            उतार
बीसलपुर        1.00
ललौरीखेड़ा      1.10
बिठौरा    कलां  0.15
रम्पुरा पूरनपुर     0.35
पूरनपुर मंडी      0.70
कुल              3.30

गोदाम पर खड़े ट्रकों की स्थिति
पूरनपुर मंडी        90
ललौरीखेड़ा        60
बीसलपुर           30

गोदाम चावल से फुल होने के कारण दिक्कत आ रही है। पूरनपुर मंडी के टिन शेड के बाद अब शहर के गोदामों में उतार कराने की व्यवस्था की जा रही है।
एसके यादव, डिप्टी आरएमओ
गेहूं खरीद को प्रशासन का हथकंडा फेल
- खुशामत पर भी सेंटर पर गेहूं देने को तैयार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गेहूं खरीद बढ़ाने को प्रशासन के निर्देश पर मंडी में किसानों को रोककर उनसे सरकारी केंद्रों पर तौल कराने की अनुरोध किया गया, लेकिन अधिकांश किसानों ने प्रशासन की इस कवायद को ठुकरा दिया और उन्होंने आढ़तों पर ही गेहूं की तौल कराई।
जिले में सरकारी खरीद में तेजी न आने पर एक दिन पूर्व डीएम ने दो जिला प्रबंधकों और पांच एमआई पर कार्रवाई के साथ ही खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इस पर शुक्रवार को सुबह मंडी के गेटों पर किसानों को रोककर उनसे सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने का अनुरोध किया गया। इसके लिए डिप्टी आरएमओ सहित खरीद से जुड़े तमाम अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन अधिकारियों की खुशामत के बाद अधिकांश किसानों ने सरकारी केंद्र पर गेहूं तौल कराने से मना कर दिया। दरअसल, सरकारी रेट और मंडी के रेट में कोई विशेष अंतर नहीं है। सेंटरों पर 1525 रुपये, जबकि मंडी में 1490 रुपये का रेट है। वहीं किसानों का मानना है कि आढ़त पर उन्हें नगद भुगतान मिल रहा है, जबकि सरकारी भुगतान में कुछ समय लगता है। इसके अलावा कई किसानों ने व्यापारियों से पूर्व में उधार ले रखा है जिसका हिसाब वह आढ़त पर गेहूं बेचकर ही करते हैं। हालांकि अधिकारियों के कहने पर कुछ किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर तौलाने को राजी हुए, लेकिन सभी 15 क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंचा। कुछ केंद्र प्रभारियों ने आढ़तों पर पहुंचकर किसानों से संपर्क किया और राजी होने पर आढ़त पर ही अपनी टीम ले जाकर तौल कराई। इस बावत जानकारी करने पर डिप्टी आरएमओ एसके यादव ने बताया कि गेहूं खरीद बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे खरीद में बढ़ोत्तरी होगी।
किसानों को बीज उत्पादन 
को करें प्रेरित: डॉ. मुकेश
- कृषि विविधीकरण पर दिया गया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। कृषि तकनीकी सहायकों के प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने बीज उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी सहायकों से क्षेत्र में भ्रमण के दौरान किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रेरित करने का आहवान किया।

जिला ग्राम्य विकास संस्थान में कृषि विविधीकरण के तहत कृषि तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन किसान विज्ञान क्लब के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने गेहूं धान के बीज उत्पादन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कि यदि किसान बीज उत्पादन करते हैं तो उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है लेकिन जानकारी के अभाव में वह ऐसा नहीं करते हैं। डीआरडीए के परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी ने तकनीकी सहायकों को स्वयं सहायता समूहों की जानकारी देते हुए कहाकि लघु और सीमांत कृषक परिवारों को इससे जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सकता है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने किसानों की आजीविका में बढ़ोत्तरी के उपाय सुझाए। प्रशिक्षण में पंकज  कुमार, विपिन कुमार, कंचन कुमार ने नाडेप कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट एवं आधुनिक खेती की जानकारी दी गई।
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