{"_id":"57a8cd914f1c1bb661ee4a06","slug":"rmnagra-bujia-threat","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमनगरा बुझिया का अस्तित्व खतरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमनगरा बुझिया का अस्तित्व खतरे में
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
river
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शारदा नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही कटान और तेज हो गया है। नदी रमनगरा बुझिया क्षेत्र में कृषि भूमि का अब भी कटान कर रही है। बिजौरी खुर्द कलां का जंगल भी कटान की जद में आ गया है।
शारदा की रमनगरा बुझिया क्षेत्र में चौड़ाई अधिक होने के बावजूद दायें किनारे पर लगातार कटान जारी है। यहां नदी गन्ना समेत अन्य फसलों का कटान करती हुई बिजारी खुर्द कलां के जंगल की ओर बढ़ती जा रही है। जानकारों के मुताबिक यदि कटान की गति यही रही तो जल्द ही रमनगरा बुझिया गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। यहां रहने वाले अधिकतर परिवार शारदा डैम इलाके में पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा नलडेंगा क्षेत्र में स्परों के निकट नदी का कटान जारी है। शारदा सागर खंड के कर्मचारियों ने यहां ठेकेदार से बोरों में रेत भरकर नदी किनारे डलवानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
शारदा की रमनगरा बुझिया क्षेत्र में चौड़ाई अधिक होने के बावजूद दायें किनारे पर लगातार कटान जारी है। यहां नदी गन्ना समेत अन्य फसलों का कटान करती हुई बिजारी खुर्द कलां के जंगल की ओर बढ़ती जा रही है। जानकारों के मुताबिक यदि कटान की गति यही रही तो जल्द ही रमनगरा बुझिया गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। यहां रहने वाले अधिकतर परिवार शारदा डैम इलाके में पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा नलडेंगा क्षेत्र में स्परों के निकट नदी का कटान जारी है। शारदा सागर खंड के कर्मचारियों ने यहां ठेकेदार से बोरों में रेत भरकर नदी किनारे डलवानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन