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जंगल क्षेत्र में रेत डालने पर टाइगर रिजर्व वाले नाराज
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:15 PM IST
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टाइगर रिजर्व के अफसरों की आपत्ति के बाद सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने हरदोई ब्रांच में सफाई के नाम पर निकाली गई रेत को अब ट्रैक्टर ट्रालियों से टाइगर रिजर्व के क्षेत्र से हटाकर जंगल के बाहरी इलाके में मार्ग के किनारे डलवाना शुरू कर दिया। रेत के ढेरों से उड़ती धूल से त्रस्त अधिकांश तराईवासी आठ किमी लंबा चक्कर तय कर आने-जाने को मजबूर हैं।
हरदाई ब्रांच नहर की सिल्ट सफाई का ठेका करीब डेढ़ माह पूर्व दस करोड़ रुपये में बुलंदशहर की एक कंपनी को दिया गया था। नहर के हेड से लेकर लगभग चार किमी का क्षेत्र टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से गुजरता है। बताते हैं कि ठेकेदार ने मशीनों से रेत निकलवाकर नहर के बाहर डलवाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर रेत डालने पर आपत्ति जताते हुए निकाली गई रेत को टाइगर रिजर्व एरिया से बाहर डलवाने को कहा। उधर, ठेकेदार ने टाइगर रिजर्व एरिया में पड़ी रेत को बाइफरकेशन से पूरनपुर जाने वाले मार्ग पर डलवाना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि हटाई गई रेत को ट्रैक्टर चालक मार्ग पर ही डाल रहे हैं। इधर तराई जाने वाले मुख्य मार्ग पर रेत के बड़े बड़े ढेरों से उड़ती धूल से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश तराईवासी आठ किमी लंबा चक्कर तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। इधर सूत्रों का यह भी कहना है कि जहां रेत मशीनों से निकाली ही नहीं गई थी, वहां रेत निकालना दर्शाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर ट्रालियों से रेत डलवाई जा रही है।
टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली हरदोई ब्रांच से रेत को निकालकर नहर किनारे जंगल क्षेत्र में स्टाक किया जा रहा है। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने पत्र भेजकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद रेत को जंगल से हटवाकर बाहरी क्षेत्र में ट्रालियों से डलवाया जा रहा है।
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- पीके तिवारी, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
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हरदाई ब्रांच नहर की सिल्ट सफाई का ठेका करीब डेढ़ माह पूर्व दस करोड़ रुपये में बुलंदशहर की एक कंपनी को दिया गया था। नहर के हेड से लेकर लगभग चार किमी का क्षेत्र टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से गुजरता है। बताते हैं कि ठेकेदार ने मशीनों से रेत निकलवाकर नहर के बाहर डलवाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर रेत डालने पर आपत्ति जताते हुए निकाली गई रेत को टाइगर रिजर्व एरिया से बाहर डलवाने को कहा। उधर, ठेकेदार ने टाइगर रिजर्व एरिया में पड़ी रेत को बाइफरकेशन से पूरनपुर जाने वाले मार्ग पर डलवाना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि हटाई गई रेत को ट्रैक्टर चालक मार्ग पर ही डाल रहे हैं। इधर तराई जाने वाले मुख्य मार्ग पर रेत के बड़े बड़े ढेरों से उड़ती धूल से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश तराईवासी आठ किमी लंबा चक्कर तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। इधर सूत्रों का यह भी कहना है कि जहां रेत मशीनों से निकाली ही नहीं गई थी, वहां रेत निकालना दर्शाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर ट्रालियों से रेत डलवाई जा रही है।
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टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली हरदोई ब्रांच से रेत को निकालकर नहर किनारे जंगल क्षेत्र में स्टाक किया जा रहा है। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने पत्र भेजकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद रेत को जंगल से हटवाकर बाहरी क्षेत्र में ट्रालियों से डलवाया जा रहा है।
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- पीके तिवारी, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग