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Pilibhit News: ऑपरेशन थंडर से जंगल से बाहर तक शिकंजा कसने की तैयारी
Sat, 10 Oct 2026 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर बाहरी परिक्षेत्रों में शिकारियों की घुसपैठ रोकने तक, वन विभाग ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देशों के क्रम में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और वन एवं वन्यजीव प्रभाग में ऑपरेशन थंडर के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विशेष टीमें गठित कर गश्त तेज की गई है। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।
ऑपरेशन थंडर के तहत अब निगरानी सिर्फ जंगल के भीतर तक सीमित नहीं है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ वन एवं वन्यजीव प्रभाग की तीनों रेंज में जंगल से सटे बाहरी इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने शिकार और वन्यजीवों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जंगल के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर उसकी पड़ताल करने और नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान में बाघ, तेंदुए और हाथियों जैसे बड़े वन्यजीवों के साथ चीतल, जंगली सुअर और अन्य छोटे वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकार की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए। जंगल के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों का ब्योरा जुटाकर एनटीसीए के निर्धारित मानकों के अनुसार रिपोर्ट तैयार की जा रही है।वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की आईजी एवं एडिशनल डायरेक्टर रुचिका के निर्देशों के क्रम में 15 अक्तूबर तक अभियान और उसके तहत की गई कार्रवाई की समग्र रिपोर्ट भेजी जानी है। इस समयसीमा को देखते हुए विभागीय स्तर पर निगरानी और सूचनाएं जुटाने का काम तेज किया गया है। मुखबिर तंत्र के जरिए भी शिकारियों और वन्यजीव तस्करों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने पर जोर है।
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वर्जन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत जंगल के बाहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन थंडर सक्रियता से चलाया जा रहा है। सभी क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार 15 अक्तूबर तक बिंदुवार रिपोर्ट भेजी जानी है।
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— भरत कुमार डीके, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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पीलीभीत। जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर बाहरी परिक्षेत्रों में शिकारियों की घुसपैठ रोकने तक, वन विभाग ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देशों के क्रम में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और वन एवं वन्यजीव प्रभाग में ऑपरेशन थंडर के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विशेष टीमें गठित कर गश्त तेज की गई है। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।
ऑपरेशन थंडर के तहत अब निगरानी सिर्फ जंगल के भीतर तक सीमित नहीं है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ वन एवं वन्यजीव प्रभाग की तीनों रेंज में जंगल से सटे बाहरी इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने शिकार और वन्यजीवों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जंगल के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर उसकी पड़ताल करने और नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान में बाघ, तेंदुए और हाथियों जैसे बड़े वन्यजीवों के साथ चीतल, जंगली सुअर और अन्य छोटे वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकार की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए। जंगल के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों का ब्योरा जुटाकर एनटीसीए के निर्धारित मानकों के अनुसार रिपोर्ट तैयार की जा रही है।वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की आईजी एवं एडिशनल डायरेक्टर रुचिका के निर्देशों के क्रम में 15 अक्तूबर तक अभियान और उसके तहत की गई कार्रवाई की समग्र रिपोर्ट भेजी जानी है। इस समयसीमा को देखते हुए विभागीय स्तर पर निगरानी और सूचनाएं जुटाने का काम तेज किया गया है। मुखबिर तंत्र के जरिए भी शिकारियों और वन्यजीव तस्करों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने पर जोर है।
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वर्जन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत जंगल के बाहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन थंडर सक्रियता से चलाया जा रहा है। सभी क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार 15 अक्तूबर तक बिंदुवार रिपोर्ट भेजी जानी है।
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— भरत कुमार डीके, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग