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Pilibhit News: जर्जर डगा और कलीनगर पुलों के निर्माण की तैयारी, छह माह से बंद आवागमन से बढ़ी परेशानी
Tue, 09 Sep 2025 11:54 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:54 PM IST
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जर्जर कलीनगर पुल पर बंद किया गया आवागमन। संवाद
कलीनगर। हरदोई ब्रांच नहर के कलीनगर और डगा पुल जर्जर हालत के चलते पिछले छह माह से बंद हैं। फिलहाल केवल दोपहिया वाहन ही गुजर पा रहे हैं, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। हाल ही में चित्तपुर पुल पर भी बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया, जिससे आमजन व व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब राजकीय सेतु निगम ने इन पुलों के निर्माण के लिए कवायद तेज कर दी है। प्रथम चरण में पुलों के दोनों ओर 100-100 मीटर की परिधि में आने वाले वृक्षों व बिजली खंभों को हटाने के लिए चिह्निकरण का कार्य किया जा रहा है।
बाइफरकेशन से निकलने वाले हरदोई ब्रांच नहर के डगा और कलीनगर पुल पर छह माह पूर्व दरारे पड़ गई थी। मियाद पूरी कर चुके इन पुलों पर भारी वाहनों की नियमित आवाजाही होने से कमजोरी बढ़ गई। इसके बाद दोनों पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया गया। ग्रिल और दीवार खड़ी कर दी गई। इससे माधोटांडा-पीलीभीत और पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर आवागमन परेशानी भरा हो गया। छोटे वाहन तो मुश्किलों के बीच नहर के कच्चे रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन भारी वाहनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पूर्व में हेडवर्क्स खंड, लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम द्वारा संयुक्त सर्वे कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद पुलों का निर्माण कार्ययोजना में शामिल हुआ। इसके बाद शासन स्तर से कवायद आगे बढ़ी है। जिसके बाद अब निगम ने निर्माण कार्य शुरू करने के प्रथम चरण में पुलों के दोनों ओर 100-100 मीटर की परिधि में आने वाले वृक्षों की सामाजिक वानिकी विभाग से गणना कराई जा रही है। विभाग इन वृक्षों का मूल्यांकन करेगा, जिसके बाद आवश्यकता अनुसार अनुमति लेकर उनकी कटाई की जाएगी। इसी तरह पुल निर्माण में बाधा बनने वाली बिजली खंभे और लाइनों को भी हटाने की तैयारी है। सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय प्रभारी अजमेर सिंह ने बताया कि पुल के दोनों ओर सौ-सौ मीटर दायरे में वृक्षों को चिह्नित किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट विभागीय माध्यम से भेजी जाएगी।
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लोगों में जमीनें प्रभावित होने का बढ़ा संशय
पुलों के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों में संशय है कि पुल का निर्माण दाएं या बाएं किस ओर से शुरू होगा। उनका कहना है कि दिशा पुलों के निर्माझा से इसके दायरे में आने वाली निजी जमीन, मकान या दुकान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सेतु निगम ने इस पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
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पुलों के बंद होने से क्षेत्रीय व्यापार पर पड़ा असर
क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण पुलों में शामिल डगा और कलीनगर पुल में दरारें पड़ने के बाद आवागमन बंद होने से व्यापार पर भी इसका असर पड़ा है। क्षेत्रीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी पर पुलों के खराब होने से सीधा असर पड़ा है। सुरक्षा के लिहाज से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। इससे बड़े वाहन अब सीधे इस क्षेत्र में नहीं आ पा रहे हैं। इससे पीलीभीत और उत्तराखंड से आने वाले खाद्द, मोरिंग, बजरी समेत अन्य सामग्री भरे ट्रकों के समय पर न आ पाने से व्यापार पर भी असर पड़ा है। अभी पुल का निर्माण भी कब तक शुरू होकर पूरा होगा, इस बारे में भी संशय की स्थिति बनी हुई है।
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बाइफरकेशन से निकलने वाले हरदोई ब्रांच नहर के डगा और कलीनगर पुल पर छह माह पूर्व दरारे पड़ गई थी। मियाद पूरी कर चुके इन पुलों पर भारी वाहनों की नियमित आवाजाही होने से कमजोरी बढ़ गई। इसके बाद दोनों पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया गया। ग्रिल और दीवार खड़ी कर दी गई। इससे माधोटांडा-पीलीभीत और पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर आवागमन परेशानी भरा हो गया। छोटे वाहन तो मुश्किलों के बीच नहर के कच्चे रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन भारी वाहनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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पूर्व में हेडवर्क्स खंड, लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम द्वारा संयुक्त सर्वे कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद पुलों का निर्माण कार्ययोजना में शामिल हुआ। इसके बाद शासन स्तर से कवायद आगे बढ़ी है। जिसके बाद अब निगम ने निर्माण कार्य शुरू करने के प्रथम चरण में पुलों के दोनों ओर 100-100 मीटर की परिधि में आने वाले वृक्षों की सामाजिक वानिकी विभाग से गणना कराई जा रही है। विभाग इन वृक्षों का मूल्यांकन करेगा, जिसके बाद आवश्यकता अनुसार अनुमति लेकर उनकी कटाई की जाएगी। इसी तरह पुल निर्माण में बाधा बनने वाली बिजली खंभे और लाइनों को भी हटाने की तैयारी है। सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय प्रभारी अजमेर सिंह ने बताया कि पुल के दोनों ओर सौ-सौ मीटर दायरे में वृक्षों को चिह्नित किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट विभागीय माध्यम से भेजी जाएगी।
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लोगों में जमीनें प्रभावित होने का बढ़ा संशय
पुलों के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों में संशय है कि पुल का निर्माण दाएं या बाएं किस ओर से शुरू होगा। उनका कहना है कि दिशा पुलों के निर्माझा से इसके दायरे में आने वाली निजी जमीन, मकान या दुकान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सेतु निगम ने इस पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
पुलों के बंद होने से क्षेत्रीय व्यापार पर पड़ा असर
क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण पुलों में शामिल डगा और कलीनगर पुल में दरारें पड़ने के बाद आवागमन बंद होने से व्यापार पर भी इसका असर पड़ा है। क्षेत्रीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी पर पुलों के खराब होने से सीधा असर पड़ा है। सुरक्षा के लिहाज से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। इससे बड़े वाहन अब सीधे इस क्षेत्र में नहीं आ पा रहे हैं। इससे पीलीभीत और उत्तराखंड से आने वाले खाद्द, मोरिंग, बजरी समेत अन्य सामग्री भरे ट्रकों के समय पर न आ पाने से व्यापार पर भी असर पड़ा है। अभी पुल का निर्माण भी कब तक शुरू होकर पूरा होगा, इस बारे में भी संशय की स्थिति बनी हुई है।