फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Patients forced to struggle for hours in the hospital

Pilibhit News: अस्पताल में घंटों मशक्कत करने पर मजबूर मरीज

Fri, 12 Sep 2025 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 12 Sep 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
Patients forced to struggle for hours in the hospital
गणेशप्रसाद, संगेपुरा
पीलीभीत। जिला अस्पताल में मरीज के त्वरित इलाज के दावे सिर्फ कागजी हैं। हकीकत में सरकार से मिलने वाले निशुल्क इलाज की कीमत मरीजों को घंटों के इंतजार कर चुकानी पड़ रही है। ज्यादातर मरीजों को संदिग्ध समस्या पर जो जांचें लिखी जाती हैं, उसकी रिपोर्ट को आने में मरीजों को 24 से 48 घंटे का इंंतजार करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को कई मरीज कुछ देरी से पहुंचने के चलते लंबी कतारों में लगे दिखाई दिए। जैसे-तैसे पर्चा बनवाने के बाद परामर्श के लिए उनका नंबर आया, तब तक परामर्श में लिखी जांचें होना बंद हो गईं। इससे कई मरीज जिला अस्पताल से मायूस लौटे।
विज्ञापन


जिला अस्पताल में निशुल्क इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज सिस्टम की मार झेल रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगना शुरू हो गई। पर्चा बनवाने के लिए मरीजों के बीच धक्कामुक्की भी देखी गई। परामर्श कक्ष के बाहर भी काफी देर इंतजार के बाद नंबर आया। पैथालॉजी लैब जो कि अस्पताल से कुछ दूरी पर दूसरे परिसर में संचालित है वहां भी अव्यवस्थाएं फैली दिखाई दी।
विज्ञापन

गेट के बाहर तक जांच कराने आए कुछ मरीजों की कतार दिखी। इसमें कई ऐसे थे जिनका जांच कराने का समय निकल गया, तो कुछ जिला अस्पताल देरी से पहुंचे मरीजों को नंबर नहीं लग पाया। ओपीडी का समय दोपहर 2 बजे तक होने के चलते कुछ मरीज जो कि 1 बजे तक जिला अस्पताल पहुंचे उनको परामर्श तो दे दिया गया, लेकिन पर्चे पर लिखी जांचें नहीं हो पाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांचों के लिए मरीज भटकते हुए दिखाई दिए। वहीं कुछ ऐसे मरीज पैथालॉजी व अस्पताल परिसर में दिखाई दिए, जो परामर्श के दूसरे दिन अपनी जांच रिपोर्ट लेने पहुंचे। हालांकि उनको दूसरे दिन भी जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाई। जांचों व इलाज के लिए सिस्टम की मार झेल रहे मरीज आधे अधूरे इलाज से मायूस वापस लौट गए।

0000
अस्पताल परिसर में संचालित पैथालॉजी लैब से थी सहूलियत
जिला अस्पताल परिसर में ही पहले पैथालॉजी लैब बनी हुई थी। परामर्श के बाद मरीजों की जांचें यहीं होती थीं, लेकिन हाल ही में जिला अस्पताल की पैथालॉजी लैब को अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूरी पर शिफ्ट कर दिया गया है। बुखार में जो मरीज इलाज के लिए आता है उसको पहले अस्पताल में परामर्श लेना पड़ता है फिर जांच के लिए पैथालॉजी लैब ढूंढना पड़ता है।

0000
चौथे दिन भी नहीं ठीक को सकी सीटी स्कैन मशीन
सीटी स्कैन मशीन खराब हुए चार दिन बीत चुके हैं। इस बीच इंजीनियर भी मशीन की तकनीकी खराबी देख चुके हैं। लेकिन मशीन के जरूरी पार्टस नहीं पहुंचने के चलते मशीन चौथे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। कई मरीज सीटी स्कैन नही होने के चलते परेशान रहे।


00
बुधवार को चिकित्सक के परामर्श के बाद ब्लड सैंपल जांच के लिए दिया है। रिपोर्ट के लिए आज बुलाया था, लेकिन अभी समय कुछ घंटे में रिपोर्ट देने की बात कह रहे है।
श्यामलाल, पौटाखुर्द

00
दिल की धड़कन बढ़ जाती है इलाज को लेकर आज ग्यारह बजे आना हुआ। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने नींद की गोली लिख दी। अब कल फिर जांच के लिए आना होगा।
आजाद सिंह, शाहगढ़

00
जिला अस्पताल में आज सुबह का था। तीन घंटे बाद कहीं जाकर परामर्श मिला। लेकिन जांच नही हो सकी।
गणेशप्रसाद, संगेपुरा

वर्जन
जिन मरीजों को जांचे कराई जा रही है, उनको दवाएं भी उपलब्ध करा दी जाती है। अस्पताल में भीड़ अधिक न हो, इसके लिए पैथालॉजी लैब शिफ्ट की गई।
डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

गणेशप्रसाद, संगेपुरा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed