{"_id":"981d7e5d4560a1a40bacb5bbe4487ec3","slug":"order-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह बाद भी शासनादेश को नहीं मिली तवज्जो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह बाद भी शासनादेश को नहीं मिली तवज्जो
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 25 Jan 2015 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला संयुक्त चिकित्यालय के समीप ही डॉक्टरों और कर्मचारियों की आवसीय कॉलोनी है। इस कॉलोनी में वन, टू और फोर टाइप के करीब 119 आवास बने हुए हैं। इन आवासों को जिला अस्पताल के बिजली कनेक्शन से ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। बिजली का चार्ज डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन से ही एक फिक्स रेट के तहत वसूला जाता है। ऐसे में यहां बेहिसाब बिजली खर्च की जा रही है। बढ़ते बिजली व्यय को देखते हुए करीब आठ माह पूर्व महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जिला अस्पताल और आवासीय कॉलोनी का बिजली कनेक्शन अलग-अलग करने के निर्देश दिए थे। इधर आठ माह बीतने के बाद भी पृथक कनेक्शन नहीं किए जा सके। जबकि शासन ने पृथक बिजली कनेक्शन न होने पर अस्पताल पर होने वाले बिजली व्यय के बजट को जारी न करने की बात कही थी। इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि पृथक कनेक्शन को लेकर बिजली विभाग द्वारा स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही अलग-अलग कनेक्शन कराए जाएंगे।
विज्ञापन