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जमीन के स्वामित्व को लेकर दो विभाग हुए आमने-सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Wed, 11 May 2016 11:17 PM IST
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कस्बा बिलसंडा में एक बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर दो विभाग आमने-सामने हो गए हैं।
नगर पंचायत बिलसंडा ने करीब एक दशक पूर्व मांगे जाने पर एक बीघा जमीन गन्ना विभाग को गोदाम बनाने के लिए दी थी। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने गोदाम उस जमीन पर न बनाकर दूसरी जगह बना लिया था, तभी नगर पंचायत ने उस जमीन पर अपना कब्जा पुन: कर लिया था। पिछले वर्ष नगर पंचायत के अधिकारियों ने उस जमीन का आवंटन रोडवेज बस स्टैंड के लिए कर दिया था। अब उस जमीन पर रोडवेज बस स्टैंड बनना शुुरू हो गया है। निर्माण शुरू होते ही गन्ना विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सहकारी गन्ना विकास समिति के संचालक मंडल की हुई आपात कालीन बैठक में इस जमीन से निर्माण कार्य रुकवाने और जमीन को पुन: कब्जे में लेने का प्रस्ताव पास हुआ। एक सप्ताह से ज्यादा समय गुजर जाने के बावजूद इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। समिति के कार्यवाहक सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि जमीन गन्ना विभाग की है और जमीन वापस लेने के संबंध में कार्रवाई चल रही है। कार्यवाहक सचिव का यह भी कहना है कि यदि उच्चाधिकारियों के स्तर से न्याय नहीं मिला तो कोर्ट में जाएंगे। नगर पंचायत बिलसंडा के ईओ सुरेंद्र प्रताप का कहना है कि जमीन नगर पंचायत की है। गन्ना विभाग का जमीन से कोई लेना देना नहीं है। इस प्रकार जमीन के स्वामित्व को लेकर दो विभाग आमने सामने आ गए हैं।
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नगर पंचायत बिलसंडा ने करीब एक दशक पूर्व मांगे जाने पर एक बीघा जमीन गन्ना विभाग को गोदाम बनाने के लिए दी थी। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने गोदाम उस जमीन पर न बनाकर दूसरी जगह बना लिया था, तभी नगर पंचायत ने उस जमीन पर अपना कब्जा पुन: कर लिया था। पिछले वर्ष नगर पंचायत के अधिकारियों ने उस जमीन का आवंटन रोडवेज बस स्टैंड के लिए कर दिया था। अब उस जमीन पर रोडवेज बस स्टैंड बनना शुुरू हो गया है। निर्माण शुरू होते ही गन्ना विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सहकारी गन्ना विकास समिति के संचालक मंडल की हुई आपात कालीन बैठक में इस जमीन से निर्माण कार्य रुकवाने और जमीन को पुन: कब्जे में लेने का प्रस्ताव पास हुआ। एक सप्ताह से ज्यादा समय गुजर जाने के बावजूद इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। समिति के कार्यवाहक सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि जमीन गन्ना विभाग की है और जमीन वापस लेने के संबंध में कार्रवाई चल रही है। कार्यवाहक सचिव का यह भी कहना है कि यदि उच्चाधिकारियों के स्तर से न्याय नहीं मिला तो कोर्ट में जाएंगे। नगर पंचायत बिलसंडा के ईओ सुरेंद्र प्रताप का कहना है कि जमीन नगर पंचायत की है। गन्ना विभाग का जमीन से कोई लेना देना नहीं है। इस प्रकार जमीन के स्वामित्व को लेकर दो विभाग आमने सामने आ गए हैं।