{"_id":"935314fc7a31cc29662cfee50dc9048e","slug":"nusbandi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में नहीं हुई एक भी पुरुष नसबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में नहीं हुई एक भी पुरुष नसबंदी
पीलीभ्ाीत
Updated Sat, 20 Dec 2014 07:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनसंख्या को काबू करने के लिए भले ही सरकार करोड़ों रुपये खर्चे कर रही हो, लेकिन कुछ योजनाएं हीलाहवाली के चलते अंधकार में गोते लगा रही हैं। जिले में पुरुष नसबंदी योजना का कुछ ऐसा ही हाल है। इस वर्ष जिले में एक भी पुरुष नसबंदी नहीं हो सकी। यह हाल तब है जब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र तीन माह शेष बचे हैं।
000
यह है पुुरुष नसबंदी का हॉल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में नसबंदी कराने वाले पुरुष को 1100 रुपये और महिलाआें को 600 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। अब जिले में पुरुष नसबंदी कार्यक्रम पर गौर करें तो पिछले दो सालों से पुरुष नसबंदी का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। वर्ष 2012 में 18 और वर्ष 2013 में मात्र सात पुरुषों की नसबंदी की गई। इस वर्ष के आंकड़े तो और भी चौंकाने वाले हैं। इस वर्ष 35 पुरुष नसबंदी लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक एक भी नसबंदी नहीं की गई।
000
चार साल ने नहीं लगे कैंप
वर्ष 2009 में ब्लाक लेबिल पर पुरुष नसबंदी कैंपों का आयोजन किया गया था। तब से अब तक जिले में पुरुष नसबंदी कैंपों का आयोजन बंद पड़ा है। धनराशि होने के बाद भी इसका संचालन नहीं हो रहा है। इसके पीछे कारण जो भी रहे हो, लेकिन विभागीय अधिकारी इसमें कतई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
000
जनवरी से लगाए जाएंगे कैंप
जिले में सर्जनों की कमी है। हाल ही में एक और सर्जन ने वीआरएस ले लिया है। एक संस्था से वार्ता हुई है। जनवरी से नसबंदी कैंपों का आयोजन कर लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
सर्वेश वर्मा, डीपीएम, नेशनल हेल्थ मिशन
000
यह है हाल
वर्ष इतनी हुई नसबंदी
2012 18
2013 07
2014 00 (अब तक)
विज्ञापन
000
यह है पुुरुष नसबंदी का हॉल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में नसबंदी कराने वाले पुरुष को 1100 रुपये और महिलाआें को 600 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। अब जिले में पुरुष नसबंदी कार्यक्रम पर गौर करें तो पिछले दो सालों से पुरुष नसबंदी का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। वर्ष 2012 में 18 और वर्ष 2013 में मात्र सात पुरुषों की नसबंदी की गई। इस वर्ष के आंकड़े तो और भी चौंकाने वाले हैं। इस वर्ष 35 पुरुष नसबंदी लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक एक भी नसबंदी नहीं की गई।
विज्ञापन
000
चार साल ने नहीं लगे कैंप
वर्ष 2009 में ब्लाक लेबिल पर पुरुष नसबंदी कैंपों का आयोजन किया गया था। तब से अब तक जिले में पुरुष नसबंदी कैंपों का आयोजन बंद पड़ा है। धनराशि होने के बाद भी इसका संचालन नहीं हो रहा है। इसके पीछे कारण जो भी रहे हो, लेकिन विभागीय अधिकारी इसमें कतई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
000
जनवरी से लगाए जाएंगे कैंप
जिले में सर्जनों की कमी है। हाल ही में एक और सर्जन ने वीआरएस ले लिया है। एक संस्था से वार्ता हुई है। जनवरी से नसबंदी कैंपों का आयोजन कर लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
सर्वेश वर्मा, डीपीएम, नेशनल हेल्थ मिशन
000
यह है हाल
वर्ष इतनी हुई नसबंदी
2012 18
2013 07
2014 00 (अब तक)