{"_id":"68e407e5fbad7dfa430765fd","slug":"no-fire-noc-at-the-district-hospital-chc-also-dependent-on-fire-cylinders-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-145488-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जिला अस्पताल पर फायर एनओसी नहीं सीएचसी भी फायर सिलिंडर के ही भरोसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जिला अस्पताल पर फायर एनओसी नहीं सीएचसी भी फायर सिलिंडर के ही भरोसे
Mon, 06 Oct 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। जिले के सरकारी अस्पतालों में आग की घटनाओं से बचाव के इंतजाम अब तक आधे-अधूरे हैं। पूर्व में मची हाय-तौबा के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में कुछ सुधार तो हुआ, लेकिन फायर एनओसी अब तक अटकी है। जिले के अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आग से बचाव की व्यवस्था फायर सिलिंडर के भरोसे है। वाटर हाइडेंट, हौजरील, पाइप और अन्य व्यवस्थाएं कागजों पर ही दौड़ रहीं हैं।
रविवार रात राजस्थान के जयपुर के अस्पताल में लगी भीषण आग के बाद 8 लोगों की मौत हो गई। नवंबर में झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा ईकाई में आग की घटना और पूर्व में अन्य शहरों में हुई घटनाओं के समय जिले के अफसर भी दो दिन तक तो सजग नजर आए थे। लेकिन, बाद में स्थिति जस की तस ही रह गई। अस्पतालाें में अब तक भगवान भरोसे व्यवस्थाएं ही चल रही हैं।
सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर पानी की पाइपलाइन नजर आई। अधिकांंश फायर सिलिंडर नवंबर में एक्सपायर्ड हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर लगे सिलिंडर की अवधि अक्तूूबर में ही समाप्त हो रही है। अस्पताल में अभी कई काय होने बाकी है। फायर एनओसी भी नहींं मिली है। पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना अब तक अधर में अटकी बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार रात राजस्थान के जयपुर के अस्पताल में लगी भीषण आग के बाद 8 लोगों की मौत हो गई। नवंबर में झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा ईकाई में आग की घटना और पूर्व में अन्य शहरों में हुई घटनाओं के समय जिले के अफसर भी दो दिन तक तो सजग नजर आए थे। लेकिन, बाद में स्थिति जस की तस ही रह गई। अस्पतालाें में अब तक भगवान भरोसे व्यवस्थाएं ही चल रही हैं।
विज्ञापन
सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर पानी की पाइपलाइन नजर आई। अधिकांंश फायर सिलिंडर नवंबर में एक्सपायर्ड हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर लगे सिलिंडर की अवधि अक्तूूबर में ही समाप्त हो रही है। अस्पताल में अभी कई काय होने बाकी है। फायर एनओसी भी नहींं मिली है। पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना अब तक अधर में अटकी बताई जा रही है।
विज्ञापन