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नेपाल ने भारतीय सीमा के अंदर 350 एकड़ एरिया में लगाए पिलर...प्रशासन अंजान
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इंडो नेपाल बार्डर पर पिलर संख्या 27 और 28 के बीच नए पिलर का निर्माण करता नेपाली जवान।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। भारत-नेपाल बॉर्डर पर अंतरराष्ट्रीय पिलर संख्या 27 और 28 के बीच नेपाल भारतीय सीमा में घुसकर पिलर लगा रहा है। इन नए पिलर के दायरे में करीब 350 एकड़ भारतीय भूमि आ गई है। पिलर लगाने का काम नेपाल पुलिस की देखरेख में हो रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पिलर कौन लगवा रहा है। इससे बेखबर जिला प्रशासन को बुधवार को गांव वालों से इसकी जानकारी मिली।
अभी तक जिस जगह दो पिलर लगाए गए हैं, वह जगह कलीनगर (पीलीभीत) तहसील के गांव गुनहान और रमनगरा की है। नेपाल पुलिस की देखरेख मेें भारतीय सीमा के अंदर पिलर लगाने से बॉर्डर पर नो मैंस लैंड एरिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों में खलबली है। वहां भारतीय सुरक्षा एजेंसी का कोई जवान नहीं रहता है। न ही कोई भारतीय नागरिक रहता है। खेती जरूर होती है। यह जमीन बरसों से भारत के कब्जे में है।
गुनहान और रमनगरा के किसान बुधवार सुबह जब अपनी गेहूूं और गन्ने की फसल देखने गए तो वहां पिलर लगते देखे। जब उन्होंने नेेपाल पुलिस से पिलर लगाने के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि भारत-नेपाल के सहयोग से पिलर लग रहे हैं। इसके बाद गांव वालों ने कलीनगर एसडीएम को इस बारे में सूचना दी। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में अनभिज्ञता जताते हुए एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) से जानकारी लेने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अभी तक जिस जगह दो पिलर लगाए गए हैं, वह जगह कलीनगर (पीलीभीत) तहसील के गांव गुनहान और रमनगरा की है। नेपाल पुलिस की देखरेख मेें भारतीय सीमा के अंदर पिलर लगाने से बॉर्डर पर नो मैंस लैंड एरिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों में खलबली है। वहां भारतीय सुरक्षा एजेंसी का कोई जवान नहीं रहता है। न ही कोई भारतीय नागरिक रहता है। खेती जरूर होती है। यह जमीन बरसों से भारत के कब्जे में है।
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गुनहान और रमनगरा के किसान बुधवार सुबह जब अपनी गेहूूं और गन्ने की फसल देखने गए तो वहां पिलर लगते देखे। जब उन्होंने नेेपाल पुलिस से पिलर लगाने के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि भारत-नेपाल के सहयोग से पिलर लग रहे हैं। इसके बाद गांव वालों ने कलीनगर एसडीएम को इस बारे में सूचना दी। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में अनभिज्ञता जताते हुए एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) से जानकारी लेने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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