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एमएलसी चुनाव में अबकी पीलीभीत से होगा प्रत्याशी
समीउद्दीन नीलू, पीलीभीत
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:09 PM IST
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शाहजहांपुर जिले में सत्तापक्ष के जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी की हार के चलते सपा इस बार विधान परिषद (स्थानीय निकाय) चुनाव में शाहजहांपुर के बजाय पीलीभीत जिले के किसी नेता को अपना प्रत्याशी बना सकती है। राष्ट्रीय नेतृत्व के इस दिशा में संकेत मिलने के बाद जिले के नेताओं ने टिकट हथियाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रदेश में कुछ समय बाद विधान परिषद (स्थानीय निकाय) चुनाव होने हैं। शाहजहांपुर-पीलीभीत निर्वाचन क्षेत्र में शाहजहांपुर जिला बड़ा होने के कारण वहां मतदाताओं की संख्या अधिक है। लिहाजा पूर्व में संपन्न होते आए इस चुनाव में हमेशा ही सत्ता पक्ष की ओर से शाहजहांपुर जिले के नेता दावेदार बनते रहे हैं और वहीं के लोग चुने जाते रहे हैं। पिछले चुनाव में बसपा से जेसी बाबा चुनाव जीते थे। इससे पहले वह सपा टिकट पर एक बार एमएलसी चुनाव जीत चुके हैं। पिछले चुनाव में सपा ने शाहजहांपुर के ही रिंकू यादव को चुनाव मैदान में उतारा था। पर वह हार गए थे, लेकिन इस बार प्रदेश में सपा की सरकार होने के चलते वह अपनी तैयारी में जुटे हुए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में उन्होंने पीलीभीत में कई दिन गुजारे भी। पार्टी नेताओं ने उन्हें एक तरह से भावी एमएलसी प्रत्याशी के रूप में पेश भी किया था, लेकिन जिपं अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर बदल सी गई है। शाहजहांपुर में पार्टी उम्मीदवार की करारी हार के बाद से वहां के नेताओं पर पार्टी ने कार्रवाई की है। वहीं पीलीभीत में पार्टी के सभी नेताओं ने एकजुट हो जिपं अध्यक्ष पद प्रत्याशी को भारी मतों से जीत दिलाई, वह भी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रत्याशी के खिलाफ। सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान इस प्रदर्शन से शाहजहांपुर के नेताओं से खफा है। विधान परिषद चुनाव में वह अब रिस्क उठाना नहीं चाहता। लिहाजा वह इस बार पीलीभीत के किसी नेता को पार्टी प्रत्याशी बना सकता है। स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद व खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भी इसके संकेत दिए हैं। यही नहीं उम्मीद जगने के साथ ही जिले से कई नेता टिकट पाने की दौड़ में जुट गए हैं।
ये हैं टिकट के दावेदार
जिले से यूं तो एमएलसी का टिकट पाने के लिए सपा के कई नेता लें हुए हैं, लेकिन पूर्व जिपं अध्यक्ष एवं स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद की पुत्री रुकैया आरिफ, पूर्व मंत्री डा. विनोद तिवारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष बुद्धसेन वर्मा, सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
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जिपं अध्यक्ष चुनाव में शाहजहांपुर के नेताओं ने जिस तरह बिखराव का संदेश दिया उससे पार्टी के शीर्ष नेता नाराज हैं। पीलीभीत के नेता उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। शीर्ष के नेता इस बार एमएलसी चुनाव में पीलीभीत के किसी नेता को टिकट देना चाहते हैं।
- हाजी रियाÁ अहमद, स्वतंत्र प्रभार मंत्री
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प्रदेश में कुछ समय बाद विधान परिषद (स्थानीय निकाय) चुनाव होने हैं। शाहजहांपुर-पीलीभीत निर्वाचन क्षेत्र में शाहजहांपुर जिला बड़ा होने के कारण वहां मतदाताओं की संख्या अधिक है। लिहाजा पूर्व में संपन्न होते आए इस चुनाव में हमेशा ही सत्ता पक्ष की ओर से शाहजहांपुर जिले के नेता दावेदार बनते रहे हैं और वहीं के लोग चुने जाते रहे हैं। पिछले चुनाव में बसपा से जेसी बाबा चुनाव जीते थे। इससे पहले वह सपा टिकट पर एक बार एमएलसी चुनाव जीत चुके हैं। पिछले चुनाव में सपा ने शाहजहांपुर के ही रिंकू यादव को चुनाव मैदान में उतारा था। पर वह हार गए थे, लेकिन इस बार प्रदेश में सपा की सरकार होने के चलते वह अपनी तैयारी में जुटे हुए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में उन्होंने पीलीभीत में कई दिन गुजारे भी। पार्टी नेताओं ने उन्हें एक तरह से भावी एमएलसी प्रत्याशी के रूप में पेश भी किया था, लेकिन जिपं अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर बदल सी गई है। शाहजहांपुर में पार्टी उम्मीदवार की करारी हार के बाद से वहां के नेताओं पर पार्टी ने कार्रवाई की है। वहीं पीलीभीत में पार्टी के सभी नेताओं ने एकजुट हो जिपं अध्यक्ष पद प्रत्याशी को भारी मतों से जीत दिलाई, वह भी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रत्याशी के खिलाफ। सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान इस प्रदर्शन से शाहजहांपुर के नेताओं से खफा है। विधान परिषद चुनाव में वह अब रिस्क उठाना नहीं चाहता। लिहाजा वह इस बार पीलीभीत के किसी नेता को पार्टी प्रत्याशी बना सकता है। स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद व खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भी इसके संकेत दिए हैं। यही नहीं उम्मीद जगने के साथ ही जिले से कई नेता टिकट पाने की दौड़ में जुट गए हैं।
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ये हैं टिकट के दावेदार
जिले से यूं तो एमएलसी का टिकट पाने के लिए सपा के कई नेता लें हुए हैं, लेकिन पूर्व जिपं अध्यक्ष एवं स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद की पुत्री रुकैया आरिफ, पूर्व मंत्री डा. विनोद तिवारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष बुद्धसेन वर्मा, सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
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जिपं अध्यक्ष चुनाव में शाहजहांपुर के नेताओं ने जिस तरह बिखराव का संदेश दिया उससे पार्टी के शीर्ष नेता नाराज हैं। पीलीभीत के नेता उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। शीर्ष के नेता इस बार एमएलसी चुनाव में पीलीभीत के किसी नेता को टिकट देना चाहते हैं।
- हाजी रियाÁ अहमद, स्वतंत्र प्रभार मंत्री