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पीलीभीत: फर्जी फर्मों के जरिए किया करोड़ों का खेल, साढ़े तीन साल बाद आरोपी अंकित कांडा जयपुर से गिरफ्तार

Tue, 20 Oct 2026 04:32 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Tue, 20 Oct 2026 04:32 PM IST
सार

एसटीएफ मेरठ ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अंकुर कांडा को जयपुर से गिरफ्तार किया है। उस पर पीलीभीत के व्यापारी के पैन कार्ड और दस्तावेज का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में खोलने का आरोप है। इन फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाकर सरकारी राजस्व को चपत लगाई गई। 

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Meerut STF arrests accused of multi-crore rupee fraud
आरोपी अंकित कांडा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार
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फर्जी फर्में खोलने और उनके नाम पर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाकर सरकारी राजस्व को चपत लगाने के मामले में एसटीएफ मेरठ ने एक आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम अंकुर कांडा है। उसने पीलीभीत के कारोबारी के पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के करीब साढ़े तीन साल बाद वह पुलिस के हाथ लगा। तीन जनवरी 2023 को पीलीभीत कोतवाली में दर्ज मुकदमे का खुलासा नहीं होने पर डीजीपी के निर्देश पर इसकी विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच में फर्जी फर्मों, ई-वे बिल और बैंक खातों के जरिये रकम के लेनदेन का मामला सामने आया।

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पैन नंबर पर करोड़ों का कारोबार देख कारोबारी के उड़े होश
शहर की नवीन मंडी में फरमान एंड सन्स नाम से फर्म चलाने वाले मोहम्मद फरमान को आयकर विभाग से नोटिस मिला था। इसमें उनके पैन नंबर के जरिये करोड़ों रुपये का कारोबार होने की जानकारी दी गई। फरमान ने अपने स्तर से जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दिल्ली में रायन इंटरनेशनल और फुटनेक्स्ट इंटरनेशनल नाम से फर्जी फर्में बनाई गई थीं। इन फर्मों के जीएसटी नंबर पर हुए कारोबार का ब्योरा उनके फॉर्म 26एएस में भी दर्ज था। इसके बाद उन्होंने आयकर विभाग और पुलिस को सूचना दी।
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फर्जी बिलों से लेते थे टैक्स क्रेडिट का लाभ
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी अंकुर कांडा अपने साथी के साथ एशिया बिटुमन नाम से फर्म चलाकर बिटुमिन ट्रेडिंग करता था। पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2017-18 में दिल्ली में कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद वह कथित तौर पर रायन इंटरनेशनल के फर्जी बिलों के जरिये लेनदेन करने लगा। आरोप है कि फर्जी ई-वे बिल के आधार पर कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अनुचित लाभ लेते थे। इस प्रक्रिया में बैंक खातों के माध्यम से रकम का लेनदेन किया जाता था।

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बैंक खातों में रकम, कमीशन काटकर वापसी
एसटीएफ की पूछताछ के अनुसार, फर्जी फर्मों के नाम पर आईडीबीआई, यस बैंक समेत अन्य बैंकों में खाते खोले गए थे। फर्जी बिलों के आधार पर रकम इन खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद रकम को दूसरे खातों या हवाला के जरिये वापस करने और बीच में कमीशन काटने की बात सामने आई है। इस तरह फर्जी बिलों के आधार पर आईटीसी का लाभ लेने का आरोप है। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।

जयपुर में मिली लोकेशन, दबिश देकर पकड़ा
मामले की जांच एसटीएफ मेरठ की फील्ड इकाई कर रही थी। 18 अक्तूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित अंकुर कांडा निवासी सी-32 पलासिया अपार्टमेंट, ए-2 पृथ्वीराज रोड सी स्कीम, थाना अशोक नगर, जयपुर राजस्थान में मौजूद है। एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसके आवास पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जयपुर से ट्रांजिट रिमांड पर पीलीभीत लाकर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में दाखिल किया गया है। एसटीएफ के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी सुकीर्ति माधव ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।

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