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कई किसानों ने जोती चैनी धान की पौध
ब्यूरो/अमर उजाला पीलीभीत।
Updated Wed, 16 Mar 2016 11:27 PM IST
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मंडनपुर गुरुद्वारा में किसानों की हुई बैठक में चैनी धान की फसल स्वयं न करने और दूसरों को भी न करने के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद कई किसानों ने चैनी धान लगाने के लिए बोई गई पौध को जोत दिया।
गुरुद्वारा में हुई बैठक में क्षेत्र के तमाम किसान एकत्र हुए। बैठक में भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने चैनी धान की फसल करने से होने वाली हानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन फसलों को लेने के लालच में अन्य फसलें खराब हो रही हैं। जल स्त्रोत नीचे जा रहा है। अगर चैनी धान की फसल होती रही तब भविष्य में किसानों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस पर बैठक में चैनी धान की फसल स्वयं न करने और दूसरों को भी न करने देने का संकल्प लिया गया। तय हुआ कि अगर कोई किसान चैनी धान की फसल करता है, तब इसकी शिकायत प्रशासन से की जाएगी। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद गांव निवासी सुरेंद्र कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह, प्रताप सिंह, सुखवंत सिंह, जसपाल सिंह, जैल सिंह, दिलबाग सिंह आदि ने चैनी धान की फसल करने को बोई गई पौध को जोत दिया। बैठक में भाकियू नेता मंजीत सिंह, नागेंद्र सिंह, तरसेम सिंह, जोरा सिंह, गुरनाम सिंह, जसवंत सिंह, बलविंदर सिंह, जसपाल सिंह आदि किसान थे।
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गुरुद्वारा में हुई बैठक में क्षेत्र के तमाम किसान एकत्र हुए। बैठक में भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने चैनी धान की फसल करने से होने वाली हानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन फसलों को लेने के लालच में अन्य फसलें खराब हो रही हैं। जल स्त्रोत नीचे जा रहा है। अगर चैनी धान की फसल होती रही तब भविष्य में किसानों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस पर बैठक में चैनी धान की फसल स्वयं न करने और दूसरों को भी न करने देने का संकल्प लिया गया। तय हुआ कि अगर कोई किसान चैनी धान की फसल करता है, तब इसकी शिकायत प्रशासन से की जाएगी। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद गांव निवासी सुरेंद्र कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह, प्रताप सिंह, सुखवंत सिंह, जसपाल सिंह, जैल सिंह, दिलबाग सिंह आदि ने चैनी धान की फसल करने को बोई गई पौध को जोत दिया। बैठक में भाकियू नेता मंजीत सिंह, नागेंद्र सिंह, तरसेम सिंह, जोरा सिंह, गुरनाम सिंह, जसवंत सिंह, बलविंदर सिंह, जसपाल सिंह आदि किसान थे।
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