फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Lakhs of trees are planted every year, yet the greenery has decreased

Pilibhit News: हर साल लगे लाखों पौधे, फिर भी घटी हरियाली

Thu, 10 Jul 2025 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 10 Jul 2025 12:49 AM IST
विज्ञापन
Lakhs of trees are planted every year, yet the greenery has decreased
पीलीभीत। हर साल जिले में लाखों पौधे लगाने का दावा किया जाता है। रिपोर्ट में अधिकांश पौधों का संरक्षण भी दिखाया जाता है। इस बार भी 39 लाख से अधिक पौधों के रोपण का दावा किया गया है, लेकिन पूर्व में जारी आकड़ों के अनुसार जिले में हरियाली घट रही है।
विज्ञापन

इससे जिम्मेदारों के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि अब सिर्फ संख्या नहीं, परिणामों पर भी ध्यान दिया जाए।
तराई के इस जिले की पहचान वैसे तो हरियाली और नदी-नहरों की जाल से है। हरियाली से परिपूर्ण पीटीआर का जंगल भी खास है। इसके साथ ही हरियाली को बढ़ाने के लिए हर साल लाखों पौधे भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन पौधरोपण के कुछ दिन बाद देखरेख के अभाव में इन पौधों का दम घुट जाता है। पेड़ बनने से पूर्व वह नष्ट हो जाते हैं। वन विभाग के आकड़ों की मानें तो हर साल पौधरोपण के बाद देखरेख पर जोर दिया जाता है।
विज्ञापन

दावा है कि 10 प्रतिशत पौध खराब होती है। पांच साल तक पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मगर इन दावों के बीच तीन माह पूर्व पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी आकड़ों में जिले में 21 वर्ग किमी हरियाली कम होने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके पीछे की वजह फ्री प्रजाति की आड़ में पेड़ों का धड़ल्ले से कटान के अलावा हाईवे समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के नाम पर लगातार हरियाली पर चलाया जा रहा आरा माना जा रहा है। हालांकि हरियाली के घटने के पीछे विभागीय अफसर पीटीआर के जंगल क्षेत्र का कुछ भाग शारदा नदी के कटान से प्रभावित होना मान रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed