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बिना टेंडर वाली जिप्सियों के संचालन पर रोक
ब्ययूराो, अमर उजाला पीलीभ्ाीत
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:15 PM IST
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िजजिप्ससी
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टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को भ्रमण कराने के लिए दुधवा से आनन-फानन में बिना प्रक्रिया पूरी किए सात जिप्सियां यहां भेज दी गई थीं। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने डीएफओ को बिना प्रक्रिया पूरी किए यहां भेजी गई जिप्सियों के संचालन पर रोक लगाने के साथ ही डेंडर प्रक्रिया समेत अन्य अभिलेखीय कार्यवाही पूरी करने के बाद ही जिप्सियों को लगाने के निर्देश दिए हैं। डीएम के इस आदेश के बाद दुधवा से आई जिप्सियों में से अधिकांश वहां वापस चली गई हैं।
15 नवंबर से टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। टाइगर रिजर्व में मौजूद पिकनिक स्पॉट चूका बीच तक पहुंचने के लिए पिछले दो सालों तक पर्यटक अपने निजी वाहनों से भी जा सकते थे, लेकिन चालू सत्र में टाइगर रिजर्व प्रशासन ने चूका बीच जाने के लिए निजी वाहनों पर रोक लगा दी है। पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराने के लिए टाइगर वन महकमे के आला अधिकारियों ने दुधवा से सात जिप्सी यहां भेजी थी। वन महकमे के अधिकारियों का कहना था कि दुधवा भ्रमण पर आए पर्यटकों को ये जिप्सियां टाइगर रिजर्व का भी भ्रमण कराएंगी। निजी वाहनों पर रोक तथा स्थानीय लोगों की जिप्सियां लगाने के बजाय दुधवा से भेजी गई जिप्सियों पर टाइगर रिजर्व के निकट के गांवों के लोगों ने डीएम से ऐतराज जताया था। शिकायतकर्ताओं ने डीएम को यह भी बताया कि दुधवा से भेजी गई जिप्सियों को बिना टेंडर यहां लगाया गया है। कुछ के टैक्सी परमिट न होने की भी शिकायत की थी। जिसे जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने गंभीरता से लिया। डीएम ने डीएफओ को टाइगर रिजर्व में अधूरे अभिलेख और प्रक्रिया के लगाई गई जिप्सियों को हटाने तथा टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही जिप्सी लगाने के निर्देश दिए हैं।
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किसी भी सरकारी महकमे में कोई भी वाहन लगाया जाता है तो उसके लिए बकायदा टेंडर होता है। अन्य अभिलेखीय प्रक्रिया भी पूरी की जाती है। कुछ लोगों की शिकायत पर टाइगर रिजर्व प्रशासन को सभी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही कोई वाहन लगाने का सुझाव दिया गया है।
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मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी
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डीएम ने दुधवा से भेजी गई जिप्सियों के संचालन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। हां अभिलेख व वाहनों के संचालन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उनके संचालन को कहा है। उसे दिखवाया जा रहा है। प्रक्रिया में अगर कहीं कोई कमी रही है तो उसे पूरा किया जाएगा।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ टाइगर रिजर्व
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15 नवंबर से टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। टाइगर रिजर्व में मौजूद पिकनिक स्पॉट चूका बीच तक पहुंचने के लिए पिछले दो सालों तक पर्यटक अपने निजी वाहनों से भी जा सकते थे, लेकिन चालू सत्र में टाइगर रिजर्व प्रशासन ने चूका बीच जाने के लिए निजी वाहनों पर रोक लगा दी है। पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराने के लिए टाइगर वन महकमे के आला अधिकारियों ने दुधवा से सात जिप्सी यहां भेजी थी। वन महकमे के अधिकारियों का कहना था कि दुधवा भ्रमण पर आए पर्यटकों को ये जिप्सियां टाइगर रिजर्व का भी भ्रमण कराएंगी। निजी वाहनों पर रोक तथा स्थानीय लोगों की जिप्सियां लगाने के बजाय दुधवा से भेजी गई जिप्सियों पर टाइगर रिजर्व के निकट के गांवों के लोगों ने डीएम से ऐतराज जताया था। शिकायतकर्ताओं ने डीएम को यह भी बताया कि दुधवा से भेजी गई जिप्सियों को बिना टेंडर यहां लगाया गया है। कुछ के टैक्सी परमिट न होने की भी शिकायत की थी। जिसे जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने गंभीरता से लिया। डीएम ने डीएफओ को टाइगर रिजर्व में अधूरे अभिलेख और प्रक्रिया के लगाई गई जिप्सियों को हटाने तथा टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही जिप्सी लगाने के निर्देश दिए हैं।
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किसी भी सरकारी महकमे में कोई भी वाहन लगाया जाता है तो उसके लिए बकायदा टेंडर होता है। अन्य अभिलेखीय प्रक्रिया भी पूरी की जाती है। कुछ लोगों की शिकायत पर टाइगर रिजर्व प्रशासन को सभी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही कोई वाहन लगाने का सुझाव दिया गया है।
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मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी
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डीएम ने दुधवा से भेजी गई जिप्सियों के संचालन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। हां अभिलेख व वाहनों के संचालन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उनके संचालन को कहा है। उसे दिखवाया जा रहा है। प्रक्रिया में अगर कहीं कोई कमी रही है तो उसे पूरा किया जाएगा।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ टाइगर रिजर्व