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Pilibhit News: फर्जीवाड़ा के आरोप में इंटर काॅलेज का लिपिक निलंबित
Wed, 20 Aug 2025 11:31 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:31 PM IST
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बीसलपुर। फर्जीवाड़ा करने के आरोप में एक इंटर कॉलेज के लिपिक को निलंबित कर दिया गया है।
सरदार बल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमृता खास के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में विशेष कुमार और प्रदीप कुमार ने उनके कॉलेज से कक्षा 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इनके अंक पत्रों में नाम गलत लिखे हुए थे। दोनों छात्रों ने कॉलेज के लिपिक राजकमल गंगवार से संपर्क किया। लिपिक ने उनकी समस्या का बहुत जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
इसके एवज में इन छात्रों से उसने कुछ रुपये भी ले लिए थे। इसके बाद लिपिक ने प्रार्थनापत्र भी ले लिए। उन प्रार्थनापत्रों को प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक से अग्रसारित कराने के बजाय स्वयं अग्रसारित कर दिए। प्रार्थनापत्रों पर प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक की मुहर लगा दी और उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
राजकमल के पास प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक की मुहरें थीं। बाद में उसने दोनों छात्रों के प्रार्थना पत्र उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में भिजवा दिए। वहां पर जब संबंधित पटल प्रभारी ने प्रार्थनापत्र पर प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई, तब उन्हें शक हुआ। जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
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इसके बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश देकर आरोपी लिपिक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक का पत्र मिलते ही कॉलेज के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने लिपिक को निलंबित कर दिया।
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सरदार बल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमृता खास के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में विशेष कुमार और प्रदीप कुमार ने उनके कॉलेज से कक्षा 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इनके अंक पत्रों में नाम गलत लिखे हुए थे। दोनों छात्रों ने कॉलेज के लिपिक राजकमल गंगवार से संपर्क किया। लिपिक ने उनकी समस्या का बहुत जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
इसके एवज में इन छात्रों से उसने कुछ रुपये भी ले लिए थे। इसके बाद लिपिक ने प्रार्थनापत्र भी ले लिए। उन प्रार्थनापत्रों को प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक से अग्रसारित कराने के बजाय स्वयं अग्रसारित कर दिए। प्रार्थनापत्रों पर प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक की मुहर लगा दी और उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
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राजकमल के पास प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक की मुहरें थीं। बाद में उसने दोनों छात्रों के प्रार्थना पत्र उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में भिजवा दिए। वहां पर जब संबंधित पटल प्रभारी ने प्रार्थनापत्र पर प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई, तब उन्हें शक हुआ। जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
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इसके बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश देकर आरोपी लिपिक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक का पत्र मिलते ही कॉलेज के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने लिपिक को निलंबित कर दिया।