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ग्रामीणों का पुलिस चौकी पर धावा
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Mon, 09 Feb 2015 11:52 PM IST
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ग्रामीणों ने तोड़फोड़ कर चौकी में आग लगा दी और पुलिस की जीप समेत अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की। एएसपी और पुलिस बल के मौके पर पहुंचने पर स्थिति नियंत्रण में आई। मामले में पुलिस ने 11 लोगों को नामजद करने के साथ 60-70 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पांच आरोपी गिरफ्तार किए है। गांव में पीएसी-पुलिस तैनात कर दी गई है।
कंबोज नगर निवासी रमेश सिंह उर्फ मैसी वन चौकी टिल्ला नंबर चार पर 14 जनवरी को हुए हमले के मामले में वांछित चल रहा था। रविवार रात करीब आठ बजे हजारा के एसओ भुवनेश गौतम पांच सिपाहियों के साथ कंबोज नगर पुलिस चौकी पहुंचे और यहां से दो सिपाही और लेकर रमेश के घर दबिश दी। पुलिस को देखकर रमेश छत पर चढ़ गया और आत्मदाह की धमकी देते हुए पैरों पर मिट्टी का तेल डालकर पैजामे में आग लगा ली। तब तक कुछ ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस टीम गांव से चौकी लौट आई। कुछ ही देर में तमाम ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पुलिस चौकी पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि हमलवारों ने फायरिंग भी की।
गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ से बचने के लिए सभी पुलिसकर्मी इधर-उधर भागेे। चौकी के सिपाही चंद्रपाल और मानपाल नेपाल सीमा और एसओ ने साथी सिपाहियों के साथ एसएसबी चौकी में घुसकर जान बचाई। इस बीच ग्रामीणों ने चौकी में खड़ी तीन सिपाहियों की बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। सरकारी एसओ की जीप को तोड़फोड़ कर पलट दिया और चौकी में आग लगा दी। चौकी में आग से रिकार्ड और तख्त समेत अन्य सामान जल गया। सूचना मिलने पर एएसपी सुधीर कुमार सिंह कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
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मामले में पुलिस ने रमेश के अलावा गांव के परमजीत सिंह उर्फ करमू, छिंदर सिंह, मंगल सिंह, जसवंत सिंह, महेंद्र सिंह, दलीप सिंह, बूटा सिंह सहित 11 लोगों को नामजद और 60-70 अज्ञात के खिलाफ तोड़फोड़, फायरिंग और आगजनी की रिपोर्ट दर्ज की है।
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कंबोज नगर निवासी रमेश सिंह उर्फ मैसी वन चौकी टिल्ला नंबर चार पर 14 जनवरी को हुए हमले के मामले में वांछित चल रहा था। रविवार रात करीब आठ बजे हजारा के एसओ भुवनेश गौतम पांच सिपाहियों के साथ कंबोज नगर पुलिस चौकी पहुंचे और यहां से दो सिपाही और लेकर रमेश के घर दबिश दी। पुलिस को देखकर रमेश छत पर चढ़ गया और आत्मदाह की धमकी देते हुए पैरों पर मिट्टी का तेल डालकर पैजामे में आग लगा ली। तब तक कुछ ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस टीम गांव से चौकी लौट आई। कुछ ही देर में तमाम ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पुलिस चौकी पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि हमलवारों ने फायरिंग भी की।
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गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ से बचने के लिए सभी पुलिसकर्मी इधर-उधर भागेे। चौकी के सिपाही चंद्रपाल और मानपाल नेपाल सीमा और एसओ ने साथी सिपाहियों के साथ एसएसबी चौकी में घुसकर जान बचाई। इस बीच ग्रामीणों ने चौकी में खड़ी तीन सिपाहियों की बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। सरकारी एसओ की जीप को तोड़फोड़ कर पलट दिया और चौकी में आग लगा दी। चौकी में आग से रिकार्ड और तख्त समेत अन्य सामान जल गया। सूचना मिलने पर एएसपी सुधीर कुमार सिंह कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
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मामले में पुलिस ने रमेश के अलावा गांव के परमजीत सिंह उर्फ करमू, छिंदर सिंह, मंगल सिंह, जसवंत सिंह, महेंद्र सिंह, दलीप सिंह, बूटा सिंह सहित 11 लोगों को नामजद और 60-70 अज्ञात के खिलाफ तोड़फोड़, फायरिंग और आगजनी की रिपोर्ट दर्ज की है।