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घंटों इंतजार करते रहे मरीज पर नहीं मिले डॉक्टर
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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं जिले में पूरी तरह बेपटरी है। कोसों दूर से दवा लेने जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। शनिवार को सुबह पर्चा काउंटर पर भीड़ लगी थी। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर गैलरी में मरीजों की भरमार दी। मगर ओपीडी के दौरान डाक्टर कक्ष से नदारद थे।
यहां बता दें कि सीएमएस को जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए जाते है, मगर इनको कोई गंभीरता से नहीं लेता, नतीजतन स्वास्थ्य सेवा लचर बनी रहती है। मसलन जिला अस्पताल स्थित प्रयोगशाला में रोजाना औसतन 160 से 180 लोगों की जांच होती है। मगर जांच रिपोर्ट को देखने वाला कोई नहीं मिलता। इसी तरह ओपीडी में भी मरीजों की संख्या 800 से एक हजार के बीच होती है पर डॉक्टरों का हमेशा इंतजार बना रहता है।
शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे जिला अस्पताल में मरीजों के मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल की गई, तो स्थिति अच्छी नहीं थी। कई कक्षों में कई घंटों से मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे, तो कहीं अनट्रेंड कर्मचारी मरीजों की देख रहे थे।
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सर्जन कक्ष : समय: 10:23 बजे
यहां मरीजों की काफी भीड़ मिली। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज पसीने से तरबतर होकर जमीन पर बैठे थे। कुछ मरीज गेट पर खड़े थे। डॉक्टर का इंतजार कर रहे सैजनिया निवासी बृजलाल ने बताया कि उनकी पुत्री के पेट में दर्द है। काफी देर से डॉक्टर का इंतजार कर रहे है। 20 किलोमीटर दूर मझोला से आईं मुन्नी बेगम ने बताया कि पिछले दो दिनों से आ रहे है। मगर डॉक्टर नहीं मिल रहे। शनिवार को भी सुबह आठ बजे गए, इसके बाद भी डॉक्टर नहीं मिले। शमीम ने बताया कि कई दिनों से चक्कर लगा रहे है, मगर डॉक्टर नहीं मिल रहे, इससे काफी दिक्कत हो रही है।
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एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष : समय: 10:26 बजे
जिला अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष के पास ही बने एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष के बाहर कई मरीज बाहर खड़े थे। अंदर कई ट्रेनी नर्स एक दूसरे से हंसी मजाक कर रहीं थी। मोबाइल से सेल्फी लेने में भी मशगूल थीं। पास में ही एक युवक रजिस्टर पर कुछ लिख रहा था। डॉक्टर के बारे में पूछने पर बताया कि नहीं आए है। ऐसे में इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों का क्या हाल होता होगा, यह समझा जा सकता है।
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ईएनटी कक्ष : समय: 10:35 बजे
वैसे तो जिला अस्पताल में कई ईएनटी डॉक्टर है, मगर ओपीडी में मरीजों को देखने वाला कोई नहीं होता। शनिवार को जब ईएनटी कक्ष में पहुंचे, तो वहां मरीजों की भीड़ लगी थी तो डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। पास में ही एक अनट्रेंड युवक मरीजों के पर्चे देख रहा था। वहीं एक ट्रेनी स्टाफ नर्स मरीजों को चेकअप कर इलाज करने की सलाह दे रही थी। फोटो खिंचता देख अनट्रेंड युवक कुर्सी छोड़कर भाग गया। श्रीराम नगर कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गर्दन में दर्द है। एक घंटे से आए हुए हैं, मगर अब तक डॉक्टर नहीं मिले। जिससे काफी दिक्कत हो रही है।
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ओपीडी में एक हफ्ते में आने वाले डॉक्टर
13 जून -1144
14 जून -1005
15 जून - 989
16 जून - 875
17 जून - 900
18 जून - 935
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यहां बता दें कि सीएमएस को जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए जाते है, मगर इनको कोई गंभीरता से नहीं लेता, नतीजतन स्वास्थ्य सेवा लचर बनी रहती है। मसलन जिला अस्पताल स्थित प्रयोगशाला में रोजाना औसतन 160 से 180 लोगों की जांच होती है। मगर जांच रिपोर्ट को देखने वाला कोई नहीं मिलता। इसी तरह ओपीडी में भी मरीजों की संख्या 800 से एक हजार के बीच होती है पर डॉक्टरों का हमेशा इंतजार बना रहता है।
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शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे जिला अस्पताल में मरीजों के मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल की गई, तो स्थिति अच्छी नहीं थी। कई कक्षों में कई घंटों से मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे, तो कहीं अनट्रेंड कर्मचारी मरीजों की देख रहे थे।
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सर्जन कक्ष : समय: 10:23 बजे
यहां मरीजों की काफी भीड़ मिली। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज पसीने से तरबतर होकर जमीन पर बैठे थे। कुछ मरीज गेट पर खड़े थे। डॉक्टर का इंतजार कर रहे सैजनिया निवासी बृजलाल ने बताया कि उनकी पुत्री के पेट में दर्द है। काफी देर से डॉक्टर का इंतजार कर रहे है। 20 किलोमीटर दूर मझोला से आईं मुन्नी बेगम ने बताया कि पिछले दो दिनों से आ रहे है। मगर डॉक्टर नहीं मिल रहे। शनिवार को भी सुबह आठ बजे गए, इसके बाद भी डॉक्टर नहीं मिले। शमीम ने बताया कि कई दिनों से चक्कर लगा रहे है, मगर डॉक्टर नहीं मिल रहे, इससे काफी दिक्कत हो रही है।
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एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष : समय: 10:26 बजे
जिला अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष के पास ही बने एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष के बाहर कई मरीज बाहर खड़े थे। अंदर कई ट्रेनी नर्स एक दूसरे से हंसी मजाक कर रहीं थी। मोबाइल से सेल्फी लेने में भी मशगूल थीं। पास में ही एक युवक रजिस्टर पर कुछ लिख रहा था। डॉक्टर के बारे में पूछने पर बताया कि नहीं आए है। ऐसे में इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों का क्या हाल होता होगा, यह समझा जा सकता है।
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ईएनटी कक्ष : समय: 10:35 बजे
वैसे तो जिला अस्पताल में कई ईएनटी डॉक्टर है, मगर ओपीडी में मरीजों को देखने वाला कोई नहीं होता। शनिवार को जब ईएनटी कक्ष में पहुंचे, तो वहां मरीजों की भीड़ लगी थी तो डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। पास में ही एक अनट्रेंड युवक मरीजों के पर्चे देख रहा था। वहीं एक ट्रेनी स्टाफ नर्स मरीजों को चेकअप कर इलाज करने की सलाह दे रही थी। फोटो खिंचता देख अनट्रेंड युवक कुर्सी छोड़कर भाग गया। श्रीराम नगर कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गर्दन में दर्द है। एक घंटे से आए हुए हैं, मगर अब तक डॉक्टर नहीं मिले। जिससे काफी दिक्कत हो रही है।
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ओपीडी में एक हफ्ते में आने वाले डॉक्टर
13 जून -1144
14 जून -1005
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16 जून - 875
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