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Pilibhit News: धूमधाम से मनाया गया गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व
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बिलसंडा नगर गुरूद्धारा में सजा दीवान । आयोजक
बिलसंडा। गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व पर नगर के गुरुद्वारा साहिब में धूमधाम से मनाया गया। संगत ने पंडाल में गुरुग्रंथ साहिब की सजी हुई पालकी के सामने मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व हर साल की तरह इस वर्ष भी कस्बे में धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब में दूरदराज से पहुंची संगत ने हरिजस श्रवण किया। दीवान की शुरुआत रागी जत्था गुरदीप सिंह ने कीर्तन के साथ की।
पंजाब प्रांत के अमृतसर साहिब से आए सिंह साहिब ज्ञानी गुरमिंदर सिंह ने कथा करते हुए संगत को गुरु गोबिंद सिंह के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 1699 में बैसाखी के दिन गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह दिन सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।
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मनजिंदर सिंह मौजी ने भी संगत को गुरु का इतिहास सुनाते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने अत्याचार के खिलाफ 14 जंग लड़ी और सभी में जीत हासिल की। इसके अलावा बाबा दिलबाग सिंह गुरुद्वारा श्री लोह लंगर आनंदपुर साहिब, सुखविंदर सिंह गुरुद्वारा लोह लंगर नानकमत्ता साहिब व बाबा निशान सिंह गुरुद्वारा नानकसर खजुरिया वालों ने भी गुरु साहिब के जीवन के बारे में बताया।
मुख्य ग्रंथी भाई गुरनाम सिंह ने आनंद साहिब का पाठ करने के उपरांत अरदास कर कार्यक्रम की समाप्ति की। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर चला। इस मौके पर बलजिंदर सिंह खालसा, कुलदीप सिंह मल्ली, परमजीत सिंह, गुरदेव सिंह, मंजीत सिंह समेत गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विशेष सहयोग रहा।
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गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व हर साल की तरह इस वर्ष भी कस्बे में धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब में दूरदराज से पहुंची संगत ने हरिजस श्रवण किया। दीवान की शुरुआत रागी जत्था गुरदीप सिंह ने कीर्तन के साथ की।
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पंजाब प्रांत के अमृतसर साहिब से आए सिंह साहिब ज्ञानी गुरमिंदर सिंह ने कथा करते हुए संगत को गुरु गोबिंद सिंह के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 1699 में बैसाखी के दिन गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह दिन सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।
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मनजिंदर सिंह मौजी ने भी संगत को गुरु का इतिहास सुनाते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने अत्याचार के खिलाफ 14 जंग लड़ी और सभी में जीत हासिल की। इसके अलावा बाबा दिलबाग सिंह गुरुद्वारा श्री लोह लंगर आनंदपुर साहिब, सुखविंदर सिंह गुरुद्वारा लोह लंगर नानकमत्ता साहिब व बाबा निशान सिंह गुरुद्वारा नानकसर खजुरिया वालों ने भी गुरु साहिब के जीवन के बारे में बताया।
मुख्य ग्रंथी भाई गुरनाम सिंह ने आनंद साहिब का पाठ करने के उपरांत अरदास कर कार्यक्रम की समाप्ति की। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर चला। इस मौके पर बलजिंदर सिंह खालसा, कुलदीप सिंह मल्ली, परमजीत सिंह, गुरदेव सिंह, मंजीत सिंह समेत गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विशेष सहयोग रहा।

बिलसंडा नगर गुरूद्धारा में सजा दीवान । आयोजक