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राजकीय महाविद्यालय हेमपुर: 1155 विद्यार्थियों पर केवल सात शिक्षक, पढ़ाई प्रभावित
Fri, 12 Sep 2025 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:42 PM IST
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बिलसंडा। राजकीय महाविद्यालय हेमपुर में नए शैक्षिक सत्र के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कक्षाओं का संचालन शुरू होने जा रहा है। महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी समस्या बन गई है। वर्तमान में 1155 विद्यार्थी नामांकित हैं, जबकि पढ़ाई कराने के लिए केवल सात शिक्षक तैनात हैं। इस कारण न तो कक्षाओं का संचालन हो पा रहा है और न ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पा रही है।
क्षेत्र में लंबे समय तक राजकीय कॉलेज न होने से छात्र-छात्राओं को बीसलपुर या जनपद मुख्यालय के महाविद्यालयों में जाना पड़ता था। पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा के प्रयासों से स्वीकृत होने के बाद हेमपुरा महाविद्यालय शुरू हुआ, जिससे स्थानीय छात्रों को राहत मिली, लेकिन अब शिक्षक संकट के कारण संस्थान अपनी क्षमता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है।
महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक संख्या बढ़ाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं, खेल मैदान की उपेक्षा और घास उगने से खेलकूद गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। छात्र-छात्राओं ने मांग की है कि जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और खेल सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए।
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शिक्षकों की कमी बानी बड़ी बाधा, कार्यालय स्टाफ भी नाममात्र
राजकीय महाविद्यालय में आयोग से शिक्षकों के नहीं आने से कई पद खाली पड़े हुए हैं। इनमें अंग्रेजी, हिंदी, गणित, वाणिज्य, राजनीतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान और पुस्तकालय विभाग के पदों पर तैनाती नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की कमी छात्र एवं छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही महाविद्यालय के ऑफिस कार्यालय में 19 पद है। इसमें मात्र दो पद पर कार्यरत और 17 पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें चौकीदार, स्वीपर, लैब सहायक समेत को पद रिक्त है।
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महाविद्यालय आने का रास्ता भी जर्जर
छात्र-छात्राओं का कहना है कि महाविद्यालय जाने वाला रास्ता भी जर्जर है। लंबे समय से समस्या बनी हुई है। जरा सी बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। इसपर भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है।
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अध्यापकों की कमी के कारण समस्या बनी हुई है पढ़ाई के लिए छात्राएं ट्यूशन या गैस पेपर का सहारा लेती हैं। -
हर्षिता, छात्रा
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मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगाने के कारण खेलकूद प्रभावित हो रहे हैं एवं मनोविज्ञान की लैब के अध्यापक ना होने के कारण लैब भी बंद रहती है
वंदना, छात्रा
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डिग्री कॉलेज को आने जाने का रास्ता टूटा फूटा है । बारिश में पानी भर जाता है। इससे कॉलेज तक पहुंचने में परेशानी का सामना छात्र एवं छात्राओं को सामना करना पड़ता है।
खुशबू, छात्रा
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क्षेत्र में लंबे समय तक राजकीय कॉलेज न होने से छात्र-छात्राओं को बीसलपुर या जनपद मुख्यालय के महाविद्यालयों में जाना पड़ता था। पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा के प्रयासों से स्वीकृत होने के बाद हेमपुरा महाविद्यालय शुरू हुआ, जिससे स्थानीय छात्रों को राहत मिली, लेकिन अब शिक्षक संकट के कारण संस्थान अपनी क्षमता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है।
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महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक संख्या बढ़ाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं, खेल मैदान की उपेक्षा और घास उगने से खेलकूद गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। छात्र-छात्राओं ने मांग की है कि जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और खेल सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए।
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शिक्षकों की कमी बानी बड़ी बाधा, कार्यालय स्टाफ भी नाममात्र
राजकीय महाविद्यालय में आयोग से शिक्षकों के नहीं आने से कई पद खाली पड़े हुए हैं। इनमें अंग्रेजी, हिंदी, गणित, वाणिज्य, राजनीतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान और पुस्तकालय विभाग के पदों पर तैनाती नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की कमी छात्र एवं छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही महाविद्यालय के ऑफिस कार्यालय में 19 पद है। इसमें मात्र दो पद पर कार्यरत और 17 पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें चौकीदार, स्वीपर, लैब सहायक समेत को पद रिक्त है।
महाविद्यालय आने का रास्ता भी जर्जर
छात्र-छात्राओं का कहना है कि महाविद्यालय जाने वाला रास्ता भी जर्जर है। लंबे समय से समस्या बनी हुई है। जरा सी बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। इसपर भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है।
अध्यापकों की कमी के कारण समस्या बनी हुई है पढ़ाई के लिए छात्राएं ट्यूशन या गैस पेपर का सहारा लेती हैं। -
हर्षिता, छात्रा
मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगाने के कारण खेलकूद प्रभावित हो रहे हैं एवं मनोविज्ञान की लैब के अध्यापक ना होने के कारण लैब भी बंद रहती है
वंदना, छात्रा
डिग्री कॉलेज को आने जाने का रास्ता टूटा फूटा है । बारिश में पानी भर जाता है। इससे कॉलेज तक पहुंचने में परेशानी का सामना छात्र एवं छात्राओं को सामना करना पड़ता है।
खुशबू, छात्रा