पढ़ने की जिद पर बेटी की हत्या: पीलीभीत में आरोपी पिता गिरफ्तार, तमंचे से माथे पर मारी थी गोली
पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में बेटी की हत्या के आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया है। बताया कि बेटी पढ़ने के लिए जिद करती थी। इससे तंग आकर उसे गोली मार दी।
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पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रमपुरा नौगवां में अंशिका हत्याकांड के आरोपी पिता को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि माहौल को देखते हुए पुत्री की पढ़ाई बंद करा दी थी। वह पढ़ाई जारी रखने की जिद करते हुए विवाद करती थी। रोज-रोज के विवाद से तंग आकर बेटी को गोली मार दी। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया।
गांव निवासी अजय पाल गंगवार ने शुक्रवार शाम घर के आंगन में अपनी पुत्री अंशिका के माथे पर 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी थी। गोली लगने से अंशिका की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी तमंचा लेकर भाग गया था। अंशिका की मां श्वेता गंगवार ने पति के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी के आदेश पर तीन टीमें आरोपी की धरपकड़ में जुटी थीं। शनिवार शाम मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गांव के बाहर एक निर्जन स्थान से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया गया।
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कोतवाली लाकर पूछताछ में आरोपी ने बेटी की हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उसने पिछले वर्ष बीए प्रथम वर्ष पास करने के बाद उसकी आगे की पढ़ाई बंद करा दी थी। बेटी पढ़ाई जारी रखने की जिद करती थी और इसी बात को लेकर आए दिन विवाद होता था। शुक्रवार शाम घर लौटने के बाद भी उसने इसी बात को लेकर पिता से बहस की थी। रोज-रोज के विवाद से परेशान होकर आरोपी ने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया। इधर, पुलिस को अंशिका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है।
मृतका की मां का रो-रोकर बुरा हाल
सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होने की पुष्टि हुई है। सीओ ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी से पूछताछ भी की। उधर, बेटी की मौत से मां श्वेता गंगवार का रो-रोकर हाल बेहाल था। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने शनिवार को भी खाना नहीं खाया। वह किसी से बातचीत भी नहीं कर पा रही है। घर पहुंचने वाले लोग भी श्वेता की स्थिति देख सांत्वना देकर लौटते दिखे।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, अजय पाल के खिलाफ वर्ष 2012 में छोटेलाल हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। यह मुकदमा न्यायालय से समाप्त हो चुका है। जून 2025 में गांव में हुए सुरेश हत्याकांड में भी वह नामजद आरोपी था। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ हत्या के तीन मुकदमों का रिकॉर्ड सामने आया है।
रेत ढोने वालों से वसूली और देवहा नदी किनारे सौ बीघा जमीन पर कब्जे की चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार अजय पाल देवहा नदी के घाट से रेत ले जाने वालों से कथित तौर पर 50 रुपये प्रति बुग्गी वसूलता था। ग्रामीणों में उसकी गतिविधियों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। हालांकि बड़े पैमाने पर वसूली की चर्चाओं की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि ग्रामीणों के मुताबिक, अजय पाल की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उसके नाम करीब दो एकड़ जमीन बताई जा रही है। देवहा नदी के पास करीब सौ बीघा जमीन पर कब्जे और खेती करने की भी ग्रामीण चर्चा करते हैं, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। गांव वालों ने उसे जिद्दी प्रवृत्ति का बताया है।