फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Farmers Shfsli The trend of increased cultivation

किसानों में सहफसली  खेती का रुझान बढ़ा

Thu, 21 Apr 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Thu, 21 Apr 2016 10:53 PM IST
विज्ञापन
Farmers Shfsli The trend of increased cultivation
खेती ‌क‌िसानी - फोटो : pilibhit, beureu
खेती में घटती जोत और बढ़ती लागत किसानों के लिए कुछ अतिरिक्त करने को प्रेरित कर रही है और वह सहफसली खेती अपनाने लगे हैं। जिले में इस समय किसान गन्ने के साथ सब्जी और दाल आदि उगाकर अतिरिक्त आमदनी ले रहे हैं।
विज्ञापन

सीमित क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन लेने को कृषि वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ काफी समय से सह फसली पर जोर दे रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का यह प्रयास अब जिले में रंग लाने लगा है। इस बार बड़े पैमाने पर किसानों ने गन्ने में सहफसली खेती को अपनाया है। इसमें अमरिया और जहानाबाद क्षेत्र के सुंदरपुर, लालपुर, कटैइया, भुरजनिया, पंसौली आदि गांव में बड़ी संख्या में किसानों ने इस बार गन्ने के साथ टमाटर, भिंडी, खीरा, खरबूजा, उड़द मूंग की खेती की है। गन्ने की बुवाई के बाद सब्जी एवं दाल आदि की फसलें उगाने से किसान बिना किसी अतिरिक्त खर्च के दोनों फसलों की परवरिश हो रही है।
विज्ञापन


यह हैं सहफसली के फायदे
- किसानों को अतिरिक्त आय
-एक ही लागत में दो फसलों की परवरिश
-गन्ने में खरपतवार एवं कीट बीमारियों पर नियंत्रण
-दाल वाली फसलों से मृदा नाइट्रोजन के स्तर में सुधार
-गन्ने के दो कूड़ों के बीच खाली जमीन का उपयोग
-मृदा उवर्रता का सही उपयोग

गन्ने का उत्पादन भी बढ़ता है
पंसोली के किसान रतनलाल ने इस बार पांच बीघा खेत में गन्ने के साथ टमाटर लगाया है। उन्होंने बताया कि गन्ना बुआई के बाद इसके जमाव और एक दो फिट ऊंचाई होने तक टमाटर में फलत: शुरू हो जाती है। वहीं गन्ने की बढ़ावार अच्छी होने से गन्ने की उपज भी बढ़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठेके पर जमीन लेकर कर रहे खेती
गांव पंसोली के ही गोकुल उर्फ डॉ. बंगाली ने पिछले वर्ष थोड़ी जमीन में गन्ना और भिंडी लगाई थी। आमदनी अच्छी होने पर इस बार उन्होंने छह बीघा जमीन ठेके पर लेकर गन्ने के साथ भिंडी लगाई है। उन्होंने बताया कि गन्ने की आमदनी एक साल बाद होती है, जबकि सहफसली से बीच में भी अतिरिक्त आमदनी मिल जाती है।


गन्ना किसानों की गोष्ठियों में समय समय पर सहफसली खेती अपनाने की अपील की जाती है। किसानों में जागरूकता आ रही है। इस बार जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने गन्ने के साथ अन्य फसलें उगाई हैं।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed