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Pilibhit News: कुत्तों ने तीन साल में एक लाख लोगों को काटा
Wed, 20 Aug 2025 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:30 PM IST
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करन सिंह चौहान
पीलीभीत। कुत्ता, बिल्ली और बंदरों के व्यवहार में बदलाव की स्थिति चिंताजनक है। पालतू और वफादार कहे जाने वाले कुत्तों ने पिछले तीन वर्षों में एक लाख से अधिक लोगों पर हमला किया। कुत्तों के काटने का आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। वहीं बिल्ली, बंदर व अन्य जानवर भी इंसानों पर हमला करने से पीछे नही रह गए।
वर्ष 2024 में बरखेड़ा ब्लॉक में बंदरों के हमले की घटनाएं काफी अधिक रहीं। इन आंकड़ों को देखकर भी पशुपालन, नगर निकाय व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जंगलों से घिरे पीलीभीत में जानवरों का आतंक है। वैसे तो कुत्ते इंसानों के लिए वफादार होते हैं, लेकिन गर्मी व बरसात के मौसम में व्यवहार परिवर्तन के चलते बीते तीन वर्ष मेंं विभागीय आंकड़ों में कुत्तों ने एक लाख एक हजार 424 लोगों को काटा। यह काफी चिंताजनक है। साल 2023 में 25,204 लोगो पर कुत्तों ने हमला किया। इसमें सर्वाधिक हमले पीलीभीत में हुए। वर्ष 2024 में 55,721 लोगों पर कुत्तों ने हमला किया। बरखेड़ा ब्लॉक में ही 31,544 मामले दर्ज किए गए। वहीं 2025 में अब तक 20,499 लोगों पर कुत्ताें ने हमला किया है। इस वर्ष में अभी चार माह का समय शेष है। संवाद
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बिल्ली और बंदरों का निशाना बने 40 हजार लोग
कुत्तों के साथ बिल्ली और बंदर भी लोगों पर हमला करने में पीछे नहीं रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में बिल्ली ने जिले में 8,995 लोगों पर हमले किए। बंदरों का व्यवहार सिर्फ घूरने तक ही सीमित नहीं रहा। बीते तीन वर्षो में 32,715 मामले बंदरों के काटने पर संस्थागत टीके लगवाने के सामने आए हैं। इसमें 2024 में 19,212 बंदरों के काटने के मामले सिर्फ बरखेड़ा ब्लॉक में दर्ज किए गए। जिले में अन्य जानवर की ओर से इंसानों पर हमले के 3,330 केस दर्ज किए गए हैं।
जिले में 119 लोगों पर रोज हमला कर रहे कुत्ते
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुत्ते 119 लोगों पर रोजाना हमला कर रहे हैं। जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। जिले में बिल्लियों को भी इंसानों का खौफ नही रह गया है, बल्कि और ज्यादा हमलावर हो गई हैं। बंदराें का आतंक तो इतना है कि कई लोग छत से गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
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पीलीभीत। कुत्ता, बिल्ली और बंदरों के व्यवहार में बदलाव की स्थिति चिंताजनक है। पालतू और वफादार कहे जाने वाले कुत्तों ने पिछले तीन वर्षों में एक लाख से अधिक लोगों पर हमला किया। कुत्तों के काटने का आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। वहीं बिल्ली, बंदर व अन्य जानवर भी इंसानों पर हमला करने से पीछे नही रह गए।
वर्ष 2024 में बरखेड़ा ब्लॉक में बंदरों के हमले की घटनाएं काफी अधिक रहीं। इन आंकड़ों को देखकर भी पशुपालन, नगर निकाय व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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जंगलों से घिरे पीलीभीत में जानवरों का आतंक है। वैसे तो कुत्ते इंसानों के लिए वफादार होते हैं, लेकिन गर्मी व बरसात के मौसम में व्यवहार परिवर्तन के चलते बीते तीन वर्ष मेंं विभागीय आंकड़ों में कुत्तों ने एक लाख एक हजार 424 लोगों को काटा। यह काफी चिंताजनक है। साल 2023 में 25,204 लोगो पर कुत्तों ने हमला किया। इसमें सर्वाधिक हमले पीलीभीत में हुए। वर्ष 2024 में 55,721 लोगों पर कुत्तों ने हमला किया। बरखेड़ा ब्लॉक में ही 31,544 मामले दर्ज किए गए। वहीं 2025 में अब तक 20,499 लोगों पर कुत्ताें ने हमला किया है। इस वर्ष में अभी चार माह का समय शेष है। संवाद
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बिल्ली और बंदरों का निशाना बने 40 हजार लोग
कुत्तों के साथ बिल्ली और बंदर भी लोगों पर हमला करने में पीछे नहीं रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में बिल्ली ने जिले में 8,995 लोगों पर हमले किए। बंदरों का व्यवहार सिर्फ घूरने तक ही सीमित नहीं रहा। बीते तीन वर्षो में 32,715 मामले बंदरों के काटने पर संस्थागत टीके लगवाने के सामने आए हैं। इसमें 2024 में 19,212 बंदरों के काटने के मामले सिर्फ बरखेड़ा ब्लॉक में दर्ज किए गए। जिले में अन्य जानवर की ओर से इंसानों पर हमले के 3,330 केस दर्ज किए गए हैं।
जिले में 119 लोगों पर रोज हमला कर रहे कुत्ते
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुत्ते 119 लोगों पर रोजाना हमला कर रहे हैं। जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। जिले में बिल्लियों को भी इंसानों का खौफ नही रह गया है, बल्कि और ज्यादा हमलावर हो गई हैं। बंदराें का आतंक तो इतना है कि कई लोग छत से गिरकर चोटिल हो चुके हैं।